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    Home»देश»सरकार और अभिभावक बच्चों को अनुशासित स्वस्थ तो फिर शिक्षक सस्पेंड क्यों
    देश

    सरकार और अभिभावक बच्चों को अनुशासित स्वस्थ तो फिर शिक्षक सस्पेंड क्यों

    adminBy adminFebruary 18, 2026No Comments8 Views
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    मवाना के बड़ा गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक गोविंद सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इनका कसूर था कि बिना वर्दी के स्कूल आए छात्रों को मुर्गा बनाया गया था। मुर्गा बनाने और छड़ी से पीटने की खबर वायरल हुई थी। मामले ने तूल पकड़ा तो बीएसए आशा चौधरी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
    मेरे साथ हर कोई चाहता है कि जब प्राइवेट स्कूल मोटी फीस ले रहे हैं और सहायता प्राप्त स्कूलों में कोई परेशानी नहीं है और शिक्षकों का वेतन बड़े अफसरों की तरह होती जा रही है और मास्टर समय से नहीं आते। लेकिन एक तरफ सरकार साक्षरता को बढ़ावा देने छात्रों में अनुशासन पैदा करने का जिम्मा स्कूलों को सौंप रही है और अभिभावक भी चाहते हैं कि उनके बच्चे शिक्षित बने। यह भी सबको सोचना होगा कि बच्चों को इसके लिए तैयार करना आसान नहीं है। थोड़ा बहुत सख्ती करनी होगी शिक्षको को। क्रूरता किसी भी रूप में नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह क्षेत्र अब व्यवसायिक बन गया है और मां बाप फीस दे रहे हैं तो उत्पीड़न भी नहीं होना चाहिए। बचपन से जो देखते चले आ रहे हैं बच्चों से सफाई और फुलवाड़ी और पौधे लगवाए जाते थे और गलती पर सजा और अच्छे कार्य पर तारीफ भी हुआ करती थी लेकिन अब छोटी बातों को लेकर अपने आप को जागरूक बताने वाले यह छोटे मामले उठाकर जो व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं उससे सरकार और अभिभावकों की मंशा पूरी होने वाली नहीं है। किसी को मुर्गा बनाने से सहनशक्ति और संयम बढ़ता है। यह दोनों व्यक्ति के विकास में सहायता करती है।
    मुझे लगता है कि स्कूल प्रधानाचार्य और प्रबंध कमेटी के सदस्यों को आपस में विचार कर यह तय करना चाहिए कि बच्चों को कैसे अनुशासित और स्वस्थ रखा जा सकता है। यही वक्त की मांग है क्योंकि ना तो क्रूरता करने से बच्चे सुधरने वाले है ना शिक्षक को सस्पेंड करने से।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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