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    Home»देश»मेरी सहमति बिना कैसे बढा सरचार्ज : एके शर्मा
    देश

    मेरी सहमति बिना कैसे बढा सरचार्ज : एके शर्मा

    adminBy adminJune 12, 2026No Comments6 Views
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    लखनऊ 12 जून। भीषण गर्मी में बेहतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था का दावा करने वाले ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को अब अपने ही महकमे के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर तैनात डा. आशीष कुमार गोयल की कार्यशैली में तमाम खामियां नजर आने लगी हैं। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा के साथ ही लगभग तीन वर्ष से पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाल रहे डा. गोयल का रवैया मंत्री को जनहित के विपरीत एवं गैर जिम्मेदाराना लगता है। उनकी कार्यशैली शासन की मंशा के विपरीत मानते हैं। कहते हैं कि उनके निर्णय राजनीतिक रूप से समस्या का कारण बन रहे हैं। दो पेज के लिखे गए आठवें पत्र में मंत्री ने अध्यक्ष से यह भी पूछा है कि 10 प्रतिशत सरचार्ज वसूलने के निर्णय पर उनकी सहमति क्यों नहीं ली गई ? चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्हें बताए बिना क्यों हेडक्वार्टर से बाहर रहते हैं? गंभीर आरोपों वाले मंत्री के लेटर बम पर कुछ कहने के बजाय अध्यक्ष ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।

    गुजरात कैडर के आइएएस रहे अरविंद कुमार शर्मा 2022 से योगी सरकार में ऊर्जा के साथ ही नगर विकास विभाग के मंत्री हैं। शर्मा इनदिनों इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित अपने 10 दिन पुराने पत्र को लेकर सुर्खियों में हैं।

    पत्र में शर्मा ने ऊर्जा महकमे के प्रशासनिक मुखिया व पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. गोयल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने 31 वर्ष के सेवाकाल में एक दर्जन से अधिक जिलों के डीएम रहे 1995 बैच के आइएएस डा. गोयल की कार्यशैली पर ऊर्जा मंत्री लिखते हैं कि उनका व्यवहार जनहित के विपरीत है। विद्युत नियामक आयोग की पहले से तय व्यवस्था के तहत फ्यूल सरचार्ज के एवज में जून में बिजली उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत अधिक बिल वसूलने संबंधी 29 मई को जारी आदेश का जिक्र करते हुए मंत्री लिखते हैं कि इससे इंटरनेट मीडिया पर सरकार के खिलाफ नकारात्मक खबरों की बाढ़ आ गई।

    सवाल उठाते हुए पूछते हैं कि व्यापक असर वाले इस विषय पर विभागीय मंत्री की सहमति क्यों नहीं ली गई? ऐसे निर्णय की उन्हें पूर्व जानकारी देना क्या उचित नहीं था ? पिछले वर्ष जून से अक्टूबर के दरमियान लिखे गए सात पत्रों की ओर ध्यान दिलाते हुए मंत्री कहते हैं कि अनुभवी व कुशल कर्मियों को निकालकर जाति-धर्म या भ्रष्टाचार के तहत अकुशल लोगों की भर्तियां की जा रही हैं। हजारों कुशल कर्मियों की छंटनी बंद न होना, समस्या का कारण बन चुका है। मंत्री ने ऐसे मामलों की जांच कर कार्यवाही करने, जानबूझकर सरकार को बदनाम करने वाले कार्मियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए स्थानांतरित करने तथा हेडक्वार्टर छोड़ने से पहले उन्हें अवगत कराने के लिए भी अध्यक्ष को लिखा है। हिदायत देने के लहजे में मंत्री लिखते हैं कि भविष्य में फिर ऐसा न हो। उनके निर्देशों को शासन का निर्देश समझते हुए अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

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