मेरठ, 27 जून (दैनिक केसर खुशबू टाईम्स)। मेडा में तैनात अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) अनिल कुमार की लखनऊ के अलीगंज में हुए हादसे को लेकर उन्हें निलंबित कर दिया गया है इस कार्रवाई से मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि अब धीरे धीरे पूर्व में तथा वर्तमान में यहां पर तैनात अन्य अधिकारियों को भी ऐसी कार्यवाही झेलने के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि शहर के सुनियोजित विकास सौंदर्यकरण के लिए हर संभव प्रयासरत प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की भावनाओं और आम आदमी की सहूलियत के इस अभियान को निर्माण का मानचित्र पास है बताकर अवैध निर्माण करा रहे और कच्ची कालोनियां कटवाने में लगे अवैध निर्माण से संबंध अधिकारियों, इंजीनियर जेई और एई के विरूद्ध भी कभी भी कार्यवाहीं हो सकती है।
बताते चले कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर बनाये गये पोर्टल पर अवैध निर्माणों से संबंध की जाने वाली शिकायतों का बिना यह देखें कि मानचित्र पास कराते समय गलत जानकारियां तो नहीं दी गयी निर्माण जो हो रहा है वह मानचित्र के अनुसार है कि नहीं। और है कितनी जगह पर निर्माण हो रहा है नक्शें में क्या क्या निर्माण दर्शाया गया और मौके पर क्या हो रहा है कहीं रिहायशी भूमि पर कॉमर्शियल निर्माण तो नहीं हो रहा है निर्माण के बाहर पास मानचित्र क्यों नहीं लगाया गया कि ओर ध्यान दिये बिना सिर्फ एक शब्द नक्शा पास है और अंग्रेजों के जमाने की धाराये दर्शाकर अवैध निर्माणकर्ता को बचाकर और सरकार की निर्माण नीति का उल्लंघन कराने तथा लखनऊ और दिल्ली सहित देशभर में आपदा की इन अवैध निर्माणों के कारण घटने वाली घटनाओं को ध्यान रखते हुए नक्शा पास है कहकर प्रदेश सरकार के जनशिकायत पोर्टल पा आये शिकायतों का निस्तारण शिकायतकर्ता से जानकारी किये बिना और जानकारों के अनुसार मौके का निरीक्षण किये बिना निस्तरण करने वाले जेई और एई जोन प्रभारियों के विरूद्ध और सरकार के रूख को देखकर यह कहा जा सकता है कि जल्द ही दोषियों के विरूद्ध कार्यवाहीं हो सकती है क्योंकि अब तो कई संगठन और नागरिक मेडा और आवास विकास के कार्यालय में जाकर धरना प्रदर्शन कर लिखित शिकायतें भी दे रहे हैं। क्योंकि भले ही इन अफसरों की जेब भर रहीं हो या बैंक बैलेंस बढ़ रहा हो मगर आम आदमी को इसका खामियाजा ही हर प्रकार से भुगतना पड़ रहा है।

