सिरसा, 27 मई (ता)। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आ गए हैं। गत दिवस उन्हें रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकाला गया और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब सवा नौ बजे सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय पहुंच गए। साध्वियों के यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहे राम रहीम की रिहाई को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया, वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे रूट पर विशेष निगरानी रखी। जेल प्रशासन ने उन्हें सुबह जल्दी इसलिए रवाना किया, ताकि जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा न हो सके और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। सिरसा पहुंचने के बाद भी उनके काफिले को डेरे के पिछले गेट से अंदर ले जाया गया।
डेरा प्रमुख के सिरसा पहुंचते ही पुलिस और जिला प्रशासन ने डेरे के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन नहीं चाहता कि किसी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति बने। साल 2026 में राम रहीम की यह दूसरी पैरोल है। इससे पहले पांच जनवरी 2026 को उन्हें 40 दिन की पैरोल मिली थी। उस दौरान वह सिरसा डेरे में रहे थे और फरवरी में वापस सुनारिया जेल लौट गये थे। सजा सुनाये जाने के बाद से अब तक वह कई बार पैरोल पर जेल से बाहर आ चुके है। नौ वर्ष में यह उनकी 16वीं पैरोल है।
राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में बंद है। केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने साध्वियों के यौन शोषण के दो मामलों में उन्हें 20 साल कैद की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें कई लोगों की जान गयी थी और भारी नुकसान हुआ था। साध्वी यौन शोषण मामले के अलावा राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में भी दोषी ठहराया गया था। सत्रह जनवरी 2019 को सीबीआई अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
बाद में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हालांकि इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था, जबकि अन्य तीन दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल की सजा बरकरार रखी गई। इसके अलावा अक्टूबर 2021 में डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह हत्या मामले में भी सीबीआई अदालत ने राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। करीब तीन साल बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हालांकि इस मामले में भी उसे राहत देते हुए बरी कर दिया। पिछली कई पैरोल के दौरान राम रहीम उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित डेरे के आश्रम में भी रह चुके है, लेकिन इस बार वह सीधे सिरसा डेरे पहुंचे है। सिरसा पहुंचने के बाद उन्होंने अपने अनुयायियों के लिए एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें समर्थकों से डेरा प्रबंधन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गयी।
राम रहीम को बार-बार पैरोल मिलने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में लगातार सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दल और कई सामाजिक संगठन गंभीर मामलों में सजा काट रहे कैदी को लगातार राहत मिलने पर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते रहे हैं। प्रशासन का हालांकि कहना है कि पैरोल कानूनी प्रक्रिया और निर्धारित नियमों के तहत दी जाती है।
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