मुंबई, 27 फरवरी (हि)। वैश्विक स्तर पर डॉलर के प्रभाव में कमी, राजकोषीय दबाव और बढ़ते वैश्विक तनावों के कारण दुनिया में वित्तीय व्यवस्था में हो रहे बदलावों को देखते हुए सोने का दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है और इसमें तेजी बने रहने की उम्मीद है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. ने सोने पर अपनी तिमाही रिपोर्ट में कहा कि 2026 की शुरुआत में सोने की कीमत 5,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई। यह आधुनिक इतिहास में सबसे मजबूत दीर्घकालिक तेजी के दौर में से एक है। सोना में एक नए ‘सुपरसाइकल’ की शुरुआत का संकेत है। एमओएफएसएल को उम्मीद है कि अगले 12 महीनों में कॉमेक्स सोने की कीमत 6,000 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस (घरेलू बाजार में 1.85 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) के आसपास स्थिर होगी। यदि वैश्विक स्तर पर तनाव और राजकोषीय उपाय तेज होते हैं तो मध्यम अवधि में यह 7,500 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक भी पहुंच सकती है। पूर्वी यूरोप, पश्चिम एशिया और एशिया में बढ़ते वैश्विक तनाव के साथ व्यापार तनाव और शुल्क संबंधी व्यवधानों के कारण मुद्रास्फीति और मुद्रा अस्थिरता में वृद्धि हुई है।
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