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    Home»देश»जनरल द्विवेदी आर्मी चीफ पद से रिटायर, नए जनरल धीरज सेठ ने पदभार संभाला
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    जनरल द्विवेदी आर्मी चीफ पद से रिटायर, नए जनरल धीरज सेठ ने पदभार संभाला

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 30, 2026No Comments3 Views
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    नई दिल्ली 30 जून। जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को आर्मी चीफ के पद से रिटायर हो गए। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने अपने चार दशक लंबे सैन्य सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल से शुरू हुआ उनका सफर अविस्मरणीय रहा और भारतीय सेना की ताकत किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि सैनिकों, कमांडरों, पूर्व सैनिकों और देशवासियों के विश्वास से आती है।

    द्विवेदी ने कहा- दो सालों में भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर अपनी तैयारी, संतुलन और सतर्कता मजबूत बनाए रखी। ऑपरेशन सिंदूर इसका प्रमुख उदाहरण है।

    उन्होंने कहा कि आज मैं यह जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वह एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेता हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को कायम रखते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।

    जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक घटनाओं का साक्षी रहा। उनके नेतृत्व में उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सेना ने उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखी। उन्होंने सीमाई सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया। उनके कार्यकाल में सेना ने बदलती वैशिक और क्षेत्रीय चुनौतियों के अनुरूप अपनी रणनीतियों को भी मजबूत किया।

    द्विवेदी की जगह जनरल धीरज सेठ ने ली है। उन्होंने आज कार्यभार संभाल लिया है। सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ हैं। उन्हें भारतीय सेना में लगभग चार दशक का अनुभव है। उन्होंने दिसंबर 1986 सेना ज्वॉइन की थी।

    जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। दिसंबर 1986 में उन्होंने भारतीय सेना की बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त किया था। अपने चार दशकों के शानदार सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने ऑपरेशनल, रणनीतिक, क्षमता विकास और संस्थागत क्षेत्रों में व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। उनके इस अनुभव ने भारतीय सेना की युद्ध क्षमता और दीर्घकालिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके अलावा जनरल सेठ कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में विभिन्न स्तर पर कमान संभाल चुके हैं। उनके कमांड असाइनमेंट में रेगिस्तानी क्षेत्र में एक बख्तरबंद रेजिमेंट, पश्चिमी मोर्चे पर एक बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवाद-विरोधी बल शामिल हैं।

    जनरल धीरज सेठ ने लेफ्टिनेंट जनरल के रहते हुए सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली। गौरतलब है कि सुदर्शन चक्र कोर, भारतीय सेना की एक प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन है। उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया है। यहां तैनाती के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियानों और औपचारिक जिम्मेदारियों की देखरेख की। जनरल धीरज सेठ ने सेना कमांडर के पद पर पदोन्नत होने पर, दक्षिण पश्चिमी कमान और सेना की दक्षिणी कमान की जिम्मेदारी संभाली।

    जनरल सेठ को दो परिचालन सैन्य कमानों की कमान संभालने और ढाई वर्षों से अधिक समय तक महत्वपूर्ण मोर्चों पर रणनीतिक पर्यवेक्षण प्रदान करने का दुर्लभ गौरव प्राप्त है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर भी काम किया है। उनकी इन नियुक्तियों काम परिचालन योजना, बल प्रबंधन और क्षमता विकास पर महत्वपूर्ण सकारात्मक प्रभाव पड़ा। सेना के आधुनिकीकरण में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

    जनरल सेठ सेना मुख्यालय के रणनीतिक योजना और क्षमता विकास विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इससे सेना को आधुनिकीकरण की दिशा को मजबूती मिली। वहीं क्षमता रोडमैप और दीर्घकालिक सैन्य संरचना संबंधी पहलों को आकार देने में भी उनकी अहम भूमिका रही। जनरल सेठ ने युद्ध क्षेत्र की उभरती टेक्नोलॉजी और भविष्य के युद्धक्षेत्र की अनिवार्यताओं के साथ ऑपरेशनल आवश्यकताओं को संरेखित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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