मेरठ, 15 मई (प्र)। कूड़े में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मई महीने में ही तीसरी घटना सामने आई है। गत दिवस बिजली बंबा बाईपास से लिसाड़ी को जाने वाले रास्ते की दाईं ओर खाली जमीन में कूड़ा जलाया गया। धुएं का गुबार इस कदर उठा कि आसपास के क्षेत्र में सांस लेना दूभर हो गया। बिजली बंबा बाईपास तक धुएं का प्रकोप रहा। इससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।
यह जमीन आवास एवं विकास परिषद की है। इसमें न तो तारबंदी है। और न बाउंड्री वाल। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाली जमीन पाकर लिसाड़ी सहित आसपास के मुहल्लों का कूड़ा निजी सफाईकर्मी यहां डाल देते हैं। कूड़ा डंप होने पर उसमें आग लगा दी जाती है। यह कारनामा कई महीनों से चल रहा है। अप्रैल में भी यहां कूड़ा जलाया गया था। इस महीने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले जली कोठी के पास कूड़े के ढेर और रुड़की रोड रोशनपुर डोरली में कूड़े के ढेर में आग लगी थी। लापरवाही का आलम ये है कि एनजीटी के सख्त निर्देशों और वायु गुणवत्ता सुधार आयोग के कूड़ा जलने की रोकथाम के निर्देशों का पालन नगर निगम नहीं कर रहा है। सवाल ये है कि पहले खाली जमीन पर कूड़ा डंप क्यों किया जाता है। यदि कूड़ा डंप ही न हो तो आग लगने की घटना ही नहीं होगी। लिसाड़ी के रास्ते में कूड़ा जलने के मामले में दिल्ली रोड वाहन डिपो प्रभारी कुलदीप सिंह ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं हुई। वाहन चालकों से पूछताछ कर पता किया जाएगा कि यहां पर कूड़ा डालता कौन है। ताकि संबंधित लोगों का पता लगाकर इसकी रोकथाम की जा सके।
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