मुजफ्फरनगर, 25 फरवरी। बसपा के पूर्व विधायक शाहनवाज राना के पुत्र आहद राना की जमानत के मामले में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। सीओ सिटी ने जांच के बाद सिविल लाइंस थाने में अज्ञात आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। जमानत तस्दीक में खालापार थाना प्रभारी से लेकर चौकी प्रभारी तक के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। पुलिस अब जमानत तस्दीक कराने वालों की तलाश में लगी है।
पांच दिसंबर 2024 को पूर्व सांसद एवं सपा नेता कादिर राना की वहलना चौक स्थित राना स्टील फैक्ट्री में जीएसटी विभाग की डीजीजीआइ टीम ने छापेमारी की थी। यहां पर महिला अधिकारियों से अभद्रता, टीम से मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें पूर्व विधायक शाहनवाज राना समेत नौ लोगों को आरोपित किया था।
इसके बाद सिविल लाइंस पुलिस ने पूर्व विधायक शाहनवाज राना को जेल भेजकर उनके विरुद्ध जांच की थी। जेल में बंद रहने के दौरान पूर्व विधायक को मोबाइल पहुंचाने के मामले में उनके पुत्र आहद राना, समधी बिजनौर निवासी बसपा के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी समेत उनके चालक, नौकर को आरोपित किया गया था।
आहद को गिरफ्तार किया गया था, जिसकी जमानत मंजूर होने के बाद दो जमानतियों के दस्तावेज 11 नवंबर 2025 को खालापार कोतवाली भेजे गए थे। जमानत तस्दीक होने के बाद 12 नवंबर 2025 को आहद जेल से छूट गया था। अब जमानत में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत को शिकायत दी गई थी, जिस पर सीओ सिटी एवं एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा ने जांच की है। इसमें स्पष्ट हुआ कि असली जमानतियों के नकली दस्तावेजों से जमानत तस्दीक कराई गई। जमानत तस्दीक में खालापार थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान, चौकी प्रभारी की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर कर दिए। दस्तावेज पर चौकी प्रभारी का नाम भी गलत अंकित मिला है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर सीओ सिटी ने सिविल लाइंस थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसपी सिटी ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों से जमानत तस्दीक कराकर न्यायालय को गुमराह करने का काम किया गया है। इसकी जांच में मिले तथ्यों के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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