Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • वर्ल्ड चैंपियन स्पेन के हर खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस
    • दान की कीमती वस्तुओं व चंदे का उपयोग कैसे और कहां हुआ भक्तों को यह जानने का अधिकार है
    • कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च जैसा आदोलनों में हमेशा होता है वहीं हुआ, प्रधानमंत्री को युवाओं के जख्मों पर मरहम लगाकर फिलहाल ?
    • कार्तिक आर्यन पहुंचे बाद बाबा महाकाल की शरण में
    • जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और प्रभावशाली उपस्थिति को एक बार फिर रेखांकित किया
    • ‘तारा पोलर स्टेशन’ वैज्ञानिक प्रयोगशाला उत्तरी ध्रुव के लिए रवाना की गई
    • करदाताओं को प्राथमिक पते के साथ एक अतिरिक्त पते की जानकारी भी देनी होगी
    • गुप्त नवरात्रि के छठे दिन माता बगलामुखी मंदिर से निकाली भव्य शोभायात्रा
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»एथेनॉल कार ही नहीं चलाएगा, चूल्हा भी जलाएगा
    देश

    एथेनॉल कार ही नहीं चलाएगा, चूल्हा भी जलाएगा

    adminBy adminJuly 21, 2026No Comments3 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली 21 जुलाई। केंद्र सरकार घरेलू रसोई में एलपीजी के विकल्प के रूप में एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय इस संबंध में नई नीति का मसौदा तैयार कर रहा है। इसमें एथेनॉल आधारित चूल्हों को बढ़ावा देने, आपूर्ति शृंखला विकसित करने और सब्सिडी देने जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।

    जानकारी के अनुसार, मंत्रालय उद्योग संगठनों और तेल विपणन कंपनियों के साथ प्रस्ताव पर चर्चा कर रहा है। योजना को मंजूरी मिलती है तो भविष्य में एलपीजी के साथ एथेनॉल भी घरेलू रसोई ईंधन का एक विकल्प बन सकता है। सरकार का मानना है कि इससे स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा। नई नीति का खाका सितंबर तक तैयार हो सकता है

    पिछले कुछ वर्षों में देश में एथेनॉल उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ी है। मौजूदा समय में देश की उत्पादन क्षमता 20 अरब लीटर प्रति वर्ष से अधिक हो चुकी है। इस वित्त वर्ष में इसमें करीब चार अरब लीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। बावजूद इसके एथेनॉल उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे में सरकार अतिरिक्त एथेनॉल को घरेलू रसोई ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना तलाश रही है।

    देश में इथेनॉल का उत्पादन कितना
    CareEdge की मई की रिपोर्ट के मुताबिक देश का इथेनॉल प्रोडक्शन सालाना 20 बिलियन लीटर से ज्यादा हो गया है. इस साल 4 बिलियन लीटर की अतिरिक्त क्षमता शुरू होने वाली है. सरकार के E20 (इथेनॉल-पेट्रोल) ब्लेंडिंग प्रोग्राम के लिए सालाना खपत करीब 11 बिलियन लीटर है.

    शराब बनाने वाली कंपनियों, दवा कंपनियों और केमिकल कंपनियों की सालाना खपत करीब 3-3.5 बिलियन लीटर है. इसके बाद करीब 7 बिलियन लीटर जो इथेनॉल बच जाता है उसका प्रयोग सरकार किचन के ईंधन के रूप में करना चाह रही है. इसके अलावा सरकार नेपाल, बांग्लादेश और इंडोनेशिया जैसे देशों को इथेनॉल एक्सपोर्ट करने पर भी विचार कर रही है.

    देश का एलपीजी आयात कितना
    भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का लगभग 60 से 65% हिस्सा विदेश से आयात करता है. देश में सालाना लगभग 3.3 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है. जो मासिक 15 से 17 लाख टन होता है.

    भारत अपनी आयातित गैस का लगभग 90% हिस्सा सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और ओमान से मंगाता है. लेकिन, अमेरिका-ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते मध्य पूर्व के देशों में आपूर्ति व्यवधान ने भारत में एलपीजी की क्राइसिस खड़ी कर दी थी. इसके देखते हुए भारत ने अमेरिकी एलपीजी का आयात बढ़ाकर जून 2026 में 10 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर को पार कर लिया.

    24 अरब डॉलर की हो सकती है बचत
    भारत इथेनॉल को एलपीजी के विकल्प के तौर पर देख रहा है. हालांकि, अभी तक भारत एलपीजी के लिए खाड़ी देशों और अमेरिका पर निर्भर है. लेकिन, इथेनॉल के प्रयोग से भारत इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन सकता है.
    फरवरी में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की रिपोर्ट में भी इस ओर इशारा किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया था कि ई-कुकिंग और बायोगैस का प्रयोग करके भारत 2050 तक एलपीजी सब्सिडी पर 2 लाख करोड़ रुपए यानी 24 अरब डॉलर से ज्यादा की बचत कर सकता है.

    एलपीजी के आयात पर निर्भरता कम होगी
    भारत एलपीजी की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई बाधित होने से ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई है। अगर एथेनॉल को घरेलू रसोई पकाने के ईंधन के रूप में अपनाया जाता है, तो इससे एलजीपी आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

    business ETHANOL STOVE GREEN FUEL INDIA LPG ALTERNATIVE ETHANOL tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    वर्ल्ड चैंपियन स्पेन के हर खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस

    July 21, 2026

    दान की कीमती वस्तुओं व चंदे का उपयोग कैसे और कहां हुआ भक्तों को यह जानने का अधिकार है

    July 21, 2026

    कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च जैसा आदोलनों में हमेशा होता है वहीं हुआ, प्रधानमंत्री को युवाओं के जख्मों पर मरहम लगाकर फिलहाल ?

    July 21, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.