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    Home»देश»गंगा में चिकन खाना अपराध नहीं : भुईयां
    देश

    गंगा में चिकन खाना अपराध नहीं : भुईयां

    adminBy adminJuly 27, 2026No Comments4 Views
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    नई दिल्लीे, 27 जुलाई (ता)। वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान कुछ युवकों द्वारा चिकन बिरयानी खाने और हड्डियां फेंकने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भुइयां ने बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी में चिकन खाना कोई अपराध नहीं है और इसके लिए किसी को जेल में नहीं डाला जा सकता। भोपाल में एक यूनिवर्सिटी में दिए एक लेक्चर में उन्होंने वाराणसी के इस मामले का जिक्र करते हुए यह बात कही। इस मामले में 14 मुस्लिम युवाओं को नाव पर इफ्तार के दौरान चिकन बिरयानी खाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और गंगा को गंदा करने का केस दर्ज हुआ था।
    जस्टिस भुइयां ने कहा कि मुझे यकीन है कि चिकन बिरयानी खाना कोई अपराध नहीं है। यह अपराध नहीं हो सकता, उन्हें इसी वजह से गिरफ्तार किया गया था, और उन्हें तीन महीने जेल में रहना पड़ा। खाने का बचा हुआ सामान नदी में फेंकना गलत हो सकता है, लेकिन सिर्फ बिरयानी खाना अपराध नहीं है।
    जस्टिस भुइयां ने देश में बढ़ते विरोध और अभिव्यक्ति की आजादी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। बहस और असहमति लोकतंत्र की आत्मा है। दुर्भाग्य से अब सामान्य कामों को भी अपराध माना जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि पर्यावरण के मुद्दे उठाने वाले लोगों और कैंपस में विरोध करने वाले छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। कई छात्रों को 30-40 दिन तक जमानत नहीं मिलती और उन्हें संस्पेंड भी कर दिया जाता है।
    उन्होंने कहा कि कई बार जमानत नहीं मिलती और उन्हें सस्पेंड भी कर दिया जाता है। ऐसी शर्तें उनकी बुनियादी आजादी को बुरी तरह कमजोर करती हैं।

    Court Order Desh Eating chicken in the Ganga is not a crime: Bhuiyan New Delhi tazza khabar tazza khabar in hindi
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