मेरठ, 04 जुलाई (प्र)। भाजपा के मुख्य सचेतक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने राज्यसभा में योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन के माध्यम से आयुष मंत्रालय से राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग अधिनियम, 2020 में संशोधन की मांग की है।
वाजपेयी ने कहा कि गत दिनों राज्यसभा में योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े विषय को उठाया गया। कहा कि भारत योग की जन्मस्थली है। हालांकि यह एक बड़ी विडंबना है कि जिस देश ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई, उसी देश में योग और प्राकृतिक चिकित्सा आज भी केंद्रीय वैधानिक नियमन से वंचित हैं। केंद्रीय वैधानिक नियमन और आयोग के दायरे में न होने के कारण कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ग्शिक्षा, पंजीकरण, क्लिनिकल मानकों, उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में असमानता उत्पन्न हो रही है।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आयुष मंत्री से आग्रह किया कि राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग अधिनियम, 2020 में शीघ्र संशोधन कर योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को केंद्रीय वैधानिक नियमन के अंतर्गत शामिल किया जाए।
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