एटा, 01 जुलाई (ता)। अलीगढ़ मंडल की मंडलायुक्त संगीता सिंह ने गत दिवस जनपद भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज परिसर और 43वीं वाहिनी पीएसी में निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण करते हुए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत 43वीं वाहिनी पीएसी परिसर से हुई। यहां उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा लगभग 11.41 करोड़ रुपये की लागत से 200 जवानों की क्षमता वाला जी$11 बैरक बनाया जा रहा है। मंडलायुक्त ने शेष कार्य शीघ्र पूरा कर भवन हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान फायर हाइड्रेंट, भवन के प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा विद्युत फिटिंग में उच्च गुणवत्ता के तार एवं उपकरणों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, परिसर के आसपास खाली भूमि पर साफ-सफाई और व्यापक वृक्षारोपण कराने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद मंडलायुक्त ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, एटा परिसर का दौरा किया। यहां यूपीसीडको द्वारा लगभग 9.84 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए रैंप निर्माण सुनिश्चित कराने और कोई भी कार्य अधूरा न छोड़ने के निर्देश दिए। सभी निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरे करने पर जोर दिया गया।
मंडलायुक्त ने सभी निर्माणाधीन भवनों में फायर सेफ्टी मानकों के शत-प्रतिशत अनुपालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि फायर हाइड्रेंट हमेशा क्रियाशील रहें और भवनों में प्रवेश व निकास की अलग-अलग व्यवस्था हो। अग्निशमन विभाग को कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को आपदा की स्थिति में बचाव का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माणाधीन भवन का हस्तांतरण तभी किया जाएगा, जब जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति उसकी गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कर संतोषजनक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यदि निरीक्षण में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तत्काल दूर करने के बाद ही भवन संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि सभी सार्वजनिक निर्माण कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरे हों, ताकि आमजन को लंबे समय तक सुरक्षित और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अरविन्द सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त मंशाराम, 43वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट संजीव बाजपेई, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डीएसटीओ प्रदीप कुमार तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
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