बागपत, 04 जुलाई (ता)। बागपत स्थित ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर में श्रावण मास के पहले गत दिवस प्रसिद्ध पुरा महादेव मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। गत तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर और कांवड़ मार्ग ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठे और पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवधामों में शामिल पुरा महादेव मंदिर में दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि यहां भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस वर्ष पुरा महादेव मेला एक नई पहचान के साथ आयोजित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने पहली बार इसे ‘जीरो वेस्ट महोत्सव’ के रूप में विकसित किया है।
इसके तहत मेला परिसर को पूरी तरह सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दुकानदारों और श्रद्धालुओं को पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे परिसर को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सफाईकर्मियों की टीमें चौबीसों घंटे तैनात हैं तथा गीले और सूखे कचरे के पृथक संग्रह के लिए रंग-कोडित डस्टबिन लगाए गए हैं। एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।
मेले से निकलने वाले कचरे का पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) भी इस आयोजन की विशेषता है। मंदिर में चढ़ाई गई फूल-मालाओं और पूजन सामग्री से जैविक खाद एवं अगरबत्ती तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग इकाइयों तक भेजकर उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित किया जाएगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को भी बढ़ावा दे रही है।
इसके अलावा भगवान शिव के जलाभिषेक में अर्पित पवित्र जल को भी संरक्षित कर गौशालाओं, पशु-पक्षियों और निराश्रित जीवों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार यह पहल भारतीय संस्कृति में प्रकृति और जीवों के प्रति सेवा भाव को सशक्त रूप से प्रदर्शित करती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार क्यूआर कोड आधारित कांवड़ यात्रा एप की व्यवस्था की गई है।
इसके माध्यम से श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन पर मेडिकल सहायता, पेयजल केंद्र, पार्किंग, शौचालय, कंट्रोल रूम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। यह व्यवस्था मेले के संचालन में डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है। मेला क्षेत्र और कांवड़ मार्ग पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार गश्त कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने मेला परिसर में विशेष चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं, जहां चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की चौबीसों घंटे तैनाती की गई है। इसके अलावा पेयजल, मोबाइल शौचालय, विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल एवं पुलिस अधीक्षक सूरज राय स्वयं मेले की व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। पुरा महादेव मेला इस वर्ष केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल नवाचार और सुव्यवस्थित प्रशासन का भी उदाहरण बनकर उभरा है। तीन दिवसीय यह आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश भी दे रहा है।
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