मुजफ्फरनगर 19 फरवरी। क्रांतिसेना के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाकात कर नगरपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कमला नेहरू वाटिका में हरे पेड़ों के कटान, सफाई कर्मियों के पीएफ घोटाले और निर्माण कार्यों में कमीशनखोरी की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि शहर के ऐतिहासिक कमला नेहरू वाटिका (कंपनी बाग) में ठेकेदार द्वारा दर्जनों फलदार हरे पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया है। अधिशासी अधिकारी और पालिका अध्यक्ष मामले को रफा-दफा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग (डीएफओ) की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि काटे गए पेड़ों का मूल्यांकन बेहद कम किया गया है और पर्यावरण नुकसान का कोई आकलन नहीं हुआ है। यह सब मिलीभगत से हो रहा है।
पदाधिकारियों ने बताया कि सफाई के लिए अनुबंधित कंपनियां कर्मचारियों का शोषण कर रही हैं।
दिल्ली की ‘आलटर्स सिकयोटर्स’ अपने 369 कर्मचारियों और लखनऊ की ‘कमल एंड संस’ 50 कर्मचारियों का पीएफ पिछले एक साल से जमा नहीं कर रही हैं, जबकि नगरपालिका द्वारा कंपनियों को पीएफ की रकम का भुगतान किया जा रहा है। क्रांतिसेना ने निर्माण कार्यों में 40 प्रतिशत से अधिक कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण सड़कें और नालियां बनने से पहले ही टूट रही हैं। उन्होंने सभी विकास कार्यों की जांच की मांग की।
वहीं, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष शरद कपूर, जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, पूनम चौधरी, देवेन्द्र चौहान, मंगतराम सोनकर, नरेन्द्र ठाकुर, उज्ज्वल पंडित, राजेन्द्र तायल, अरविंद कौशिक, शैलेन्द्र विश्वकर्मा, निकुंज चौहान, गौरव शर्मा और मिथिलेश गिरी आदि मौजूद रहे।

