मेरठ 21 जुलाई (प्र)। हस्तिनापुर में पति को सांप से डसवा कर हत्या करने वाली दामिनी ने अब जिला कारागार मेरठ की लाइब्रेरी संभाल ली है।
जेल में जाने के बाद उसने बताया कि वह शिक्षिका है और बच्चों को पढ़ाना चाहती है। ऐसे में जेल प्रशासन ने दामिनी को जेल के अंदर बनी लाइब्रेरी से अटैच कर दिया है और मंगलवार से वह काम शुरू करेगी। दामिनी जेल में बच्चों और महिलाओं को रामायण और सुंदरकांड पढ़ाएगी। इसके लिए दामिनी ने रामायण भी ले ली है।
हस्तिनापुर में स्कूल संचालक पति अतुल की पत्नी दामिनी ने करैत सांप से डसवा कर हत्या कर दी थी। इस काम को उसने प्रेमी तुषार के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल जाने के बाद दामिनी ने कुछ नहीं खाया। उसने केवल अपने परिजनों मां-पिता और बेटे के बारे में पूछा कि कोई मिलने आया या नहीं।
दूसरी ओर, तुषार ने अपने परिजनों के बारे में जानकारी ली और मुलाकात के नियम पूछे। तुषार ने जेल में कहा कि वह अपने परिजनों से मिलना चाहता है। हालांकि केस और घटना को लेकर दामिनी और तुषार ने किसी से कोई बात नहीं की। इतना ही नहीं, दामिनी और तुषार ने एक दूसरे से मिलने को लेकर भी कोई मांग नहीं की है।
दामिनी बोली, लाइब्रेरी संभाल लूंगी
दामिनी ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दामिनी ने खुद को शिक्षिका बताया और लाइब्रेरी संभालने की बात कही। इसलिए दामिनी को जेल की लाइब्रेरी से अटैच कर दिया गया है और मंगलवार से जिम्मेदारी संभाल लेगी।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल के अंदर दो महिला बैरक 12-ए और 12-बी हैं। पतियों की हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान, कोमल, अंजलि और दामिनी को बैरक नंबर 12-बी में रखा गया है। रविता को 12-ए में रखा गया है। बताया कि सभी महिला बंदियों को एक ही बैरक में नहीं रखा गया है।
पुलिस ने दर्ज किए छह वर्षीय मानिक के बयान
दामिनी द्वारा अपने ही पति अतुल पवार की सांप से डसवाकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को पुलिस ने अतुल के बेटे के बयान दर्ज किए। साथ ही स्कूल के कुछ बच्चों से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की। सहमे हुए बच्चे ने कहा कि अब वह अपने दादा-दादी के साथ ही रहेगा।

