मेरठ 02 जुलाई (प्र)। शहर में मंगलवार देर रात हुई ट्रांसफार्मर चोर गिरोह की वारदात ने सिर्फ बिजली व्यवस्था को नहीं, बल्कि रात की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अब तक ट्रांसफार्मरों से तांबा चोरी की घटनाएं मुख्य रूप से देहात क्षेत्रों में सामने आती थीं. लेकिन पहली बार शहर के बीचोंबीच इस तरह सिलसिलेवार वारदात ने बिजली विभाग और पुलिस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। जिस ट्रांसफार्मर की सुरक्षा पुलिस चौकी की मौजूदगी में सबसे सुरक्षित मानी जाती है, उसी के पास चोर ने इत्मीनान से तांबे की पत्तियां निकाल लीं। इसके बाद गिरोह के सदस्य सुभाष नगर से हापुड़ अड्डे और घंटाघर तक एक-एक ट्रांसफार्मर को निशाना बनाता रहे। सुबह जब लोग उठे तो करीब 40 मोहल्लों में बिजली और पानी दोनों गायब थे। लोगों को पहले बारिश के कारण फॉल्ट का अंदेशा था, लेकिन जांच में सामने आया कि पूरी रात चोर गिरोह बिजली तंत्र को खोखला करता रहे।
घटना मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है। सबसे पहले सुभाष नगर चौक पर लगे ट्रांसफार्मर से नौ तांबे की पत्तियां चोरी की गई। इसके बाद हाशिमपुरा पुलिस चौकी के बराबर लगे ट्रांसफार्मर से तीन पत्तियां निकाल ली गई। यहां एक चोर ने ही वारदात को अंजाम दिया। यहीं नहीं, ट्रांसफार्मर चोर गिरोह हापुड़ अड्डे से घंटाघर की ओर बढ़ता गया और रास्ते में मिले अन्य ट्रांसफार्मरों को भी निशाना बनाकर फरार हो गए। बारिश और सुनसान सड़क ने उसे वारदात अंजाम देने का पूरा मौका दिया। सुबह होते ही सुभाष नगर, मोहनपुरी, पूर्वा शेखलाल, हाशिमपुरा, लक्ष्मी नगर, किशनपुरा मोहल्ला इमलीयान, हापुड़ अड्डा, घंटाघर, खैर नगर क्षेत्र समेत करीब 40 इलाकों में लोग बिजली और पानी के संकट से जूझने लगे। बच्चों को स्कूल जाने और नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर पहुंचने में परेशानी हुई। बिजली घर पर लगातार शिकायतें पहुंचीं। जांच के दौरान कर्मचारियों ने पाया कि कई ट्रांसफार्मरों से तांबे की पत्तियां गायब हैं।
पार्षद ने सौंपी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज
वार्ड-29 के पार्षद पवन चौधरी ने अवर अभियंता पवन कुमार को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई। फुटेज में कबाड़ चुगने वाला एक युवक ठेला लेकर ट्रांसफार्मर का गेट खोलता, ऊपर चढ़ता और तांबे की पत्तियां निकालकर आराम से जाता दिखाई दे रहा है। यह पूरी वारदात कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की पहचान में जुटी है। इस तरह की करतूत एक चोर के नहीं बल्कि ग्रहों की मानी जा रही है।
सिस्टम सामान्य होने में लगेगा समय
अवर अभियंता पवन कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर से चोरी हुई तांबे की एक पत्ती की कीमत करीब 140 रुपये है। सभी प्रभावित ट्रांसफार्मरों में नई तांबे की पत्तियां लगा दी गई हैं। हालांकि, तकनीकी सेटिंग पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाने के कारण दिनभर 15 से 20 मिनट के अंतराल पर बिजली बार- बार ट्रिप होती रही। विभाग की टीम ने आपूर्ति पूरी तरह बहाल करने के लिए देर रात तक मरम्मत और तकनीकी सुधार का कार्य जारी रखा।

