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    महंगे एआई से तंग कंपनियों ने फिर बड़ी भर्ती की योजना बनाई

    adminBy adminJuly 28, 2026No Comments3 Views
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    नई दिल्ली 28 जुलाई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के कारण नौकरियां घटने की आशंकाओं के बीच अब कई बड़ी वैश्विक कंपनियों के रुख में बदलाव दिख रहा है। एआई में भारी निवेश के बावजूद उन्हें महसूस हुआ है कि केवल तकनीक के भरोसे कारोबार चलाना आसान नहीं है। यही वजह है कि ये कंपनियां फिर से भर्ती बढ़ाने की तैयारी में हैं। भारत में भी यह बदलाव देखने को मिल सकता है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट, सीएसएक्स और बूज एलन हेमिल्टन समेत अन्य वैश्विक कंपनियां पिछले डेढ़ साल की सुस्ती के बाद फिर से नए कर्मचारियों की नियुक्तियां कर रही हैं। नई भर्ती विशेष रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, डाटा विश्लेषण और एआई से जुड़े पदों पर की जा रही हैं।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनियों को अब समझ आने लगा है कि एआई पूरी तरह से कर्मचारियों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि एआई एजेंट्स के सटीक इस्तेमाल के लिए भी कुशल इंजीनियरों और सेल्सकर्मियों की आवश्यकता होती है। इसके चलते अब विशेष रूप से जूनियर और फ्रेशर स्तर के युवाओं की मांग में तेजी आई है।

    कई कंपनियां खासतौर पर एंट्री लेवल यानी शुरुआती स्तर के पदों पर नियुक्तियां बढ़ रही हैं। कंपनियों का मानना है कि नए कर्मचारी एआई तकनीक को अपनाने में अधिक सहज हैं और लागत भी कम होती है।

    भर्ती पर रोक लगाई थी
    पिछले करीब डेढ़ साल से कई कंपनियां आर्थिक अनिश्चितता और एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए नई भर्तियां टाल रही थीं। हालांकि कई कंपनियां दोबारा भर्ती शुरू कर रही हैं और रोजगार बाजार की स्थिति पहले से बेहतर हो रही है।

    आगे बदलेगी तस्वीर
    विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में नौकरियां खत्म होने के बजाय उनका स्वरूप बदलेगा। डाटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड टेक्नोलॉजी और समस्या समाधान जैसे कौशल रखने वाले पेशेवरों के लिए अवसर अधिक होंगे।

    गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि कंपनियां डाटा सेंटर बनाने, ऊर्जा खपत बढ़ाने और कंप्यूटिंग रिसोर्स हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर कर्ज ले रही हैं। एआई ढांचे पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाली छह कंपनियों ने इस साल 244 अरब डॉलर का कर्ज लिया है, जो 2024 से 14 गुना ज्यादा है।

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