किसी समय कच्ची शराब आदि की तस्करी का केन्द्र बताया जाने वाले जनपद शामली के थाना भवन ब्लाक के गांव अहाता गोसगढ़ में पहले तम्बाकू बेचने पर रोक लगाई गयी और अब शराब की बिक्री पर लगी रोक । एक खबर के अनुसार यह सब ग्राम प्रधान संगीता की सामाजिक सरोकार एवं ग्रामीणों को नशा मुक्त रखने की दिशा में लिये गये निर्णय का परिणाम बताया जा रहा है। उन्होंने चुनाव की आहट के बीच सक्रिय हुए शराब तस्करों पर नकेल कसने के लिए शराब बेचने वाले व्यक्ति के संदर्भ में सूचना देने वाले का ११ हजार रूपये की घोषणा देने की। प्रधान चौधरी संगीता का यह निर्णय सराहनीय है अगर इससे प्रेरित होकर अन्य ग्राम प्रधान भी थोड़ा प्रयास करें तो नशा मुक्त समाज काफी हद तक सफल हो सकता है क्योंकि ग्राम प्रधान के अनुसार यदि शराब बेचने वाले परिवार की कोई महिला या अन्य सदस्य सूचना देता है तो उसे २१ हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गयी है। मुझे लगता है कि नशा विरोधी अभियान में लगे संगठनों और सरकार को उक्त ग्राम प्रधान के अभियान को मिलकर प्रोत्साहन देते हुए इसे आगे बढ़ाया जाये तो उसके काफी अच्छे परिणाम नशे की लत से ग्रस्त व्यक्ति के परिवार में खुशहाली लाने के मामले में सामने आ सकते हैं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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