बहराइच, 18 फरवरी। बहराइच जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसको सुनने के बाद हर कोई दंग है। दरअसल यह मामला शिक्षा विभाग और एक कबाड़ की दुकान से जुड़ा हुआ है। जहां पर ट्रक में भरकर बच्चों का भविष्य बाहर भेजा जा रहा था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना मिलने पर ट्रक को रोक कर हिरासत में लिया गया। लेकिन जब ट्रक को खोलकर देखा गया, तो सबके होश उड़ गए और जिले में यह खबर आग की तरह फैलने लगी। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। पहले ही जहां मिड डे मील व ड्रेस वितरण को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं, अब स्कूलों में निःशुल्क बंटने के लिए आई नए सत्र 2026-27 की किताबों को कबाड़ी को बेचने का मामला उजागर हुआ है।
मुरादाबाद जिले के एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत कंटेनर में लदी लाखों की किताबों के बिक्री होने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। मामले को गंभीरता से लेकर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, किताबों से लदे कंटेनर को पुलिस ने कब्जे में लेकर सीज कर जांच शुरू की है।
जिले में तकरीबन 2803 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें चार लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से पढ़ने वाले बच्चों को निःशुल्क भोजन, ड्रेस व किताबें भी मुहैया कराई जाती हैं, लेकिन सीमा से सटे बहराइच जिले में बच्चों के भविष्य से किस तरह खिलवाड़ हो रहा है, इसका जीता-जागता उदाहरण गत दिवस देखने को मिला।
बच्चों को बांटने के लिए आई नए सत्र 2026-27 की किताबें स्कूलों में न जाकर कबाड़ी के यहां बिकने के लिए पहुंच गई। मुरादाबाद जिले के नंबर लिखे कंटेनर में लदी किताबें रामगांव इलाके में स्थित दिलशाद कबाड़ी के यहां बिकने पहुंची। सूत्र बताते हैं कि चार रुपये किलोग्राम के हिसाब से किताबों को खरीदने का सौदा तय हुआ।
25 हजार रुपये में किताबों से भरे कंटेनर को कबाड़ी ने खरीदा, लेकिन इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई। सवाल यह उठता है कि यह किताबें कहां से आई थी और किस जिले के लिए भेजी गई थी? इसकी जांच भी शुरू हो गई है।
थानाध्यक्ष रामगांव गुरुसेन सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद किताबें लदी ट्रक को कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि किताब खरीदने वाले कबाड़ी व चालक की तलाश की जा रही है।
मुरादाबाद जिले के यूपी 21 एफटी 8485 नंबर के जिस कंटेनर से किताबें लाकर सीमावर्ती जिले में कबाड़ी के यहां बेची गई है, उस वाहन का पंजीकरण 14 जनवरी 2026 को कराया गया है। यही नहीं, वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट भी नहीं लगा हुआ है, इससे इस बात की आशंका प्रबल हो जाती है कि सुनियोजित तरीके से बच्चों का भविष्य कबाड़ में बेचे जाने का गिरोह सक्रिय है।
जिले के लिए भेजी गई किताबों का स्टाक पूरा है, फिर भी पूरे स्टाक का मिलान कराया जा रहा है। किताब लेकर आए वाहन चालक व कबाड़ी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। -आशीष कुमार सिंह, बीएसए
प्रकरण गंभीर है, बच्चों का भविष्य संवारने वाली किताबों को किसने कबाड़ी को बेचा है। इसकी गहनता से जांच कराई जा रही है। जिले में वितरित होने के लिए आई किताबों के स्टाक की जांच कराई जा रही है, जिससे कि सत्यता उजागर हो। – अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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