नई दिल्ली, 21 मार्च (अम)। मार्च का महीना खत्म होने में अब सिर्फ कुछ ही दिन शेष हैं। इसके बाद नया वित्तीय वर्ष 2026-27 शुरू होने वाला है। इस नए वित्तीय वर्ष में बैंकिंग के नियमों में कुछ बदलाव होने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर एचडीएफसी बैंक के करोड़ों ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है। 1 अप्रैल से बैंक अपने एटीएम ट्रांजैक्शन के नियमों को और सख्त करने जा रहा है।
अब तक ग्राहक एटीएम से यूपीआई के जरिए कैश निकालने को एक अलग और अतिरिक्त सुविधा मानते थे, लेकिन नए नियमों के तहत अब यूपीआई विड्रॉल को भी आपकी ‘फ्री मंथली ट्रांजैक्शन लिमिट’ का हिस्सा बना दिया गया है। इसका मतलब है कि अब आप चाहे कार्ड से पैसे निकालें या क्यूआर कोड स्कैन करके, दोनों ही ट्रांजैक्शन एक ही कोटे में गिने जाएंगे।
बैंक का यह कदम डिजिटल और फिजिकल कैश ट्रांजैक्शन के बीच के अंतर को खत्म करने की दिशा में है, जिससे उन ग्राहकों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं जो छोटे-छोटे अंतराल पर बार-बार एटीएम से नकद निकासी करते हैं। अगर आप समय रहते इन नियमों को नहीं समझते हैं, तो महीने के अंत में आपको भारी श्ट्रांजैक्शन चार्जश् चुकाना पड़ सकता है।
Trending
- कैंट बोर्ड के लेखाकार राजेश जॉन निलंबित
- सारनाथ का प्राचीन बौद्ध स्थल” यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल
- Delhi Protest: छात्रों पर Police Action पर बिफरे Rahul Gandhi, Amit Shah को पत्र लिखकर पूछा- आदेश किसने दिया?
- कारगिल वीरों के नमन से लेकर साइंस में युवाओं के डंके तक… पढ़िए PM मोदी के ‘मन की बात’ की 5 बड़ी बातें
- ग्रेटर नोएडा की एल्डिको सोसायटी में टैंक की जहरीली गैस से दम घुटने से दो लोगों की मौत
- उच्च शिक्षा के शिक्षकों-कर्मियों को सीएम योगी का तोहफा, मिलेगा डेढ़ करोड़ का दुर्घटना बीमा कवर
- पत्नी ने गिफ्ट की थार, उसी में पति ने कर दी हत्या, फिर नहर में फेंकी लाश
- अलीगंज अग्निकांड वाली अवैध रूप से बनी बहुमंजिला इमारत पर चला बुलडोजर

