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    Home»न्यूज़»बाहरी पहचान बदल लेने से किसी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती : मदनी
    न्यूज़

    बाहरी पहचान बदल लेने से किसी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती : मदनी

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJuly 13, 2026No Comments3 Views
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    देवबंद, 13 जुलाई (ता)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने पूर्व आईएएस अधिकारी नियाज खान के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें मुसलमानों को मॉब लिंचिंग से बचने के लिए पारंपरिक वेशभूषा बदलने की सलाह दी थी। मौलाना महमूद मदनी ने जारी बयान में कहा कि समस्या किसी समुदाय की पहचान या पहनावे में नहीं बल्कि नफरत की मानसिकता और कानून हाथ में लेने वाली भीड़ में है। किसी जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा पीड़ित समुदाय को अपनी पहचान छिपाने की सलाह देना न तो न्यायसंगत है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाए पीड़ितों से अपनी पहचान बदलने की अपेक्षा करना समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
    कहा कि दादरी, अलवर, हापुड़, झारखंड, भरतपुर और चरखी दादरी जैसी मॉब लिंचिंग की घटनाओं में पीड़ितों का पहनावा हमलों का कारण नहीं था। बोस्निया का उदाहरण देते हुए मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि केवल बाहरी पहचान बदल लेने से किसी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती।

    Changing outward identity does not ensure the safety of a community: Madani Devband tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
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