मेरठ 20 जुलाई (प्र)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शास्त्रीनगर आवासीय योजना संख्या 7 में सील की गई 44 संपत्तियों के अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू हो चुकी है। आवास एवं विकास परिषद ने रविवार को भी सील 44 संपत्तियों में से 18 संपत्तियों को डी-सील करके मल्टी ऑनर (एक से अधिक मालिक) सर्वे किया। टीम के साथ मौजूद राजस्व विभाग की टीम ने न केवल संपत्तियों की पैमाइश की। सर्वे करने के बाद परिषद टीम ने फिर से भवनों को सील कर दिया। भवन स्वामियों ने नोटिस दिए बगैर ही कार्रवाई किए जाने के आरोप परिषद अधिकारियों पर लगाए।
सुप्रीम कोर्ट ने सील किए गए 44 भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने को कहा है। इनमें से जिन भवनों के मानचित्र स्वीकृत हैं और उन्होंने सेटबैक आदि कब्जाकर अवैध निर्माण किया हुआ है तो उन्हें तोड़ने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। जिन भवनों के पास मानचित्र ही नहीं है और आवासीय में पूरी तरह कॉमर्शियल किया हुआ तो इन्हें ध्वस्त किया जाएगा।
रविवार को परिषद की टीम उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह और अधिशासी अभियंता अभिषेक राज के नेतृत्व में इन 44 सील भवनों का सर्वे करने पहुंची। सर्वे टीम ने परिषद कार्यालय के पास से ही सर्वे करना शुरू किया। सर्वे टीम ने उन भवनों की सील हटाकर सर्वे किया जिनके एक से अधिक मालिक है यानि भवन में बहुत सी दुकानें और उनके मालिक अलग-अलग है। इसके अलावा राजस्व टीम ने भवन की पैमाइश की। परिषद टीम ने सेटबैक पर किए गए अवैध निर्माण को भी जांचा ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सील की गई संपत्तियों का मल्टी ऑनर सर्वे कराया गया है।
रविवार को उन 18 सील संपत्तियों की डी-सील करके सर्वे किया गया, जिनके मालिक एक से अधिक हैं। ये कार्रवाई इसलिए की गई ताकि दुकानदारों और बिल्डिंग मालिकों के बीच विवाद की स्थिति न बने । इसके अलावा बताया कि शनिवार को परिषद अधिकारियों के साथ व्यापारियों की बैठक हुई थी। उसमें सर्वे की जानकारी दे दी थी।
15 दिन का देंगे नोटिस स्वयं तोड़ेंगे अवैध निर्माण
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास एवं विकास परिषद सील 44 संपत्तियों के मालिकों को स्वयं अवैध निर्माण तोड़ने के लिए 15 दिन का नोटिस देगी। अगर मालिकों ने 15 दिन के अंदर अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं किए तो उसके बाद परिषद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी और उस पर होने वाला खर्च संपत्ति मालिकों से वसूला जाएगा।
आज से दिए जाएंगे सभी को नोटिस
परिषद अधिकारियों ने बताया कि आदेश के अनुपालन में सोमवार से 44 सील संपत्तियों के मालिकों को 15 दिन के नोटिस वितरित होना शुरू हो जाएगा। 15 दिन के अंदर स्वयं अवैध निर्माण ध्वस्त करने होंगे। अगर निर्धारित अवधि में अवैध निर्माण ध्वस्त नहीं किए गए तो उसके बाद परिषद की तरफ से ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जाएगी।

