रामपुर 01 जुलाई। क्या समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलने वाला है? क्या जौहर यूनिवर्सिटी के अवैध निर्माण को जमींदोज करने की तैयारी है? ये सवाल इसलिए तेजी से उठ रहे हैं क्योंकि जमीन खरीद को लेकर पहले से ही विवादों में रही रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ‘जौहर ट्रस्ट’ को रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने एक कड़ा नोटिस जारी किया है। यूनिवर्सिटी कैंपस में अवैध निर्माण को लेकर चल रही जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि वहां बने 38 भवन बिना नक्शा (मानचित्र) पास कराए ही खड़े कर दिए गए हैं। इस मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रबंधन से 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
इस बीच, विश्वविद्यालय प्रबंधन को अदालत से मिलने वाली किसी भी फौरी राहत (स्टे) को रोकने के लिए रामपुर विकास प्राधिकरण अब माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में कैविएट (अग्रिम चेतावनी) दाखिल करने की तैयारी में जुट गया है, जिससे विश्वविद्यालय प्रबंधन की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ती नजर आ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग की जांच के दौरान जिला पंचायत कार्यालय की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की सचिव डाॅ. तजीन फात्मा की ओर से मेडिकल कालेज भवन (क्षेत्रफल 75572.23 वर्ग मीटर) और अकादमी ब्लाक भवन (क्षेत्रफल 27132.94 वर्ग मीटर) का नक्शा 16 जून 2016 को स्वीकृत किया गया।
इसके अलावा किसी अन्य भवन के मानचित्र के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं किया। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कई भवन बना लिए गए। साथ ही फायर विभाग की एनओसी भी नहीं ली। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने शनिवार को एसडीएम कुमार गौरव की अगुवाई में अग्निशमन विभाग, जिला पंचायत और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर विवि में निर्मित सभी भवनों की गिनती और नापजोख कराई थी।
इसमें साफ हो गया कि लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर लगभग 38 ब्लाकों का अवैध निमार्ण कराया गया है। इसके बाद आरडीए ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का जवाब देने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने की दशा में भवनों की सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विश्वविद्यालय में अब अग्निसुरक्षा की पड़ताल
जौहर विश्वविद्यालय में अवैध भवन निर्माण के बाद अब अग्नि सुरक्षा की पड़ताल शुरू कर दी गई है। सोमवार को इस संबंध में एक टीम विश्वविद्यालय पहुंचकर जांच पड़ताल की। जल्द ही इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि लखनऊ में हुए अग्निकांड के क्रम में शासन से सभी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटर की जांच के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में जौहर विश्वविद्यालय में भी टीम भेजी गई थी, अभी इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है।

