पटना/गौनाहा/जमुनिया, 17 फरवरी। अभी तक आपने कई बार अपने मालिक को बचाने के लिए बाघ से कुत्ते के भिड़ जाने की कहानी सुनी और पढ़ी होंगी, लेकिन क्या किसी भैंस को ऐसा करता देखा या सुना है? शायद आपको जवाब होगा नहीं। जहां खतरा देख भले ही इंसान अपनों से भी मुंह मोड़ ले, लेकिन कई बार मूक पशु रिश्ते और वफादारी की कीमत जता बड़ी सीख दे जाते हैं।
हालांकि ऐसा ही एक मामला बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से सामने आया है, जहां भैंस ने अपनी जान की परवाह किए बिना बाघ से अपने मालिक की जान बचा ली। मामला जिले के सहोदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरवा मंडिहा गांव का है, जहां अपने मालिक की जान बचाने के लिए तीन भैंसें, बाघ से भिड़ गईं। बाघ से भिड़ंत में भैंसे भी जख्मी हो गईं। सहोदरा थाना क्षेत्र के शेरवा मंडिहा गांव में बाघ ने किसान पर हमला कर दिया तो उसकी भैंसें बाघ से भिड़ गईं। आखिरकार बाघ को उल्टे पांव भगना पड़ा।
शेरवा मंडीहा निवासी साहेब यादव का पुत्र उपेंद्र कुमार (23) गत सुबह सात भैंसों को चराने गया था। छोटे भाई भूपेन्द्र ने बताया कि उपेन्द्र करीब 9ः30 बजे पंडई नदी के घाट पर भैंसों को नहला रहा था। इसी दौरान झाड़ियों से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया। उपेन्द्र बुरी तरह जख्मी हो गया। इतने में तीन भैंसें बाघ पर टूट पड़ीं। भैंसों ने सींग मार-मारकर बाघ को घायल कर पीछे हटने को मजबूर कर दिया। बाघ वहां से भागकर झाड़ियों में जा छिपा।
उपेन्द्र के शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे और उसे गौनाहा रेफरल अस्पताल ले जाया गया। उसे पेट और कमर में गहरे जख्म आए हैं। डॉक्टर सचिन कुमार ने बताया कि परिजन करीब साढ़े बारह बजे घायल उपेन्द्र को लेकर पहुंचे। वह अचेत अवस्था में लेकिन खतरे से बाहर है। बाघ से भिड़ंत में तीनों भैंसें भी घायल हो गईं।
इलाके में बाघ के हमले की सूचना से दहशत का माहौल है। रेंजर सुनील कुमार पाठक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन कर्मियों की एक टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है, ताकि बाघ की लोकेशन का पता लगाया जा सके। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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