लखनऊ, 17 जनवरी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा राजनीतिक दल नहीं है। वह खुद को प्रोफेशनल रूप से चलाती है। प्रोफेशनल राजनीति करती है। एजेंसियां लगाकर दूसरे दलों का डाटा चोरी करा रही है। भाजपा को हराने के लिए डाटा के साथ उसी के तरीके की तैयारी करनी होगी और चुनाव लड़ना होगा।
अखिलेश शुक्रवार को उड़ीसा के दो दिवसीय दौरे पर भुवनेश्वर पहुंचे। उन्होंने वहां पर कहा कि भाजपा का एजेंडा कम्युनल है। भाजपा घोषणापत्र के वादे को पूरा न कर पाने व राजनीतिक रूप से कमजोर होने पर और सांप्रदायिक हो जाती है।
अखिलेश यादव ने ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के चुनाव आयोग और भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में करीब पांच करोड़ मतदाताओं का अंतर है, जबकि बीएलओ एक ही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी की सरकार बनने जा रही है, इसी वजह से भाजपा बौखलाई हुई है।
सपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा का एजेंडा पूरी तरह सांप्रदायिक है। जब-जब उसे अपनी कमजोरी महसूस होती है और वह जनता से किए वादों को पूरा नहीं कर पाती, तब वह सांप्रदायिकता का सहारा लेती है।
समाजवादी पार्टी विभाजन की राजनीति में विश्वास नहीं करती, बल्कि सभी को जोड़कर राजनीति करती है। इसी उद्देश्य से देशभर में कार्यक्रम किए जा रहे हैं ताकि डिवीजन की राजनीति खत्म हो।
अखिलेश यादव ने कहा कि वह एक साल में तीसरी बार ओडिशा आए हैं और यहां पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को मजबूत करने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को पूरे देश में बेनकाब करना जरूरी है, तभी वह केंद्र में कमजोर होगी।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भाजपा से सीखने को बहुत कुछ है, क्योंकि वह केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राजनीति को पेशेवर तरीके से करती है। ऐसे में अगर भाजपा को हराना है, तो अन्य राजनीतिक दलों को भी उसी की तरह पेशेवर राजनीति करनी होगी। पांच साल पहले किसी ने नहीं सोचा था कि कोई पार्टी चुनाव के दौरान एजेंसियों के माध्यम से डाटा चोरी कर राजनीति करेगी।

