लखनऊ 19 फरवरी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों के तहत सामाजिक समरसता और संगठन विस्तार पर जोर दिया गया। साथ भागवत ने कहा कि चीन-अमेरिका से हमे सावधान रहना होगा। साथ यह भी कहा कि चीन अमेरिका दोनों देश के जो भी रास्ते में आता है उन्हें खत्म कर देते हैं भागवत ने मंदिर, कुआं और श्मशान सभी हिंदुओं के लिए बिना भेदभाव खुले रखने का आह्नान किया।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लखनऊ में सीएम योगी से उनके आवास पर मुलाकात की। आरएसएस के शताब्दी वर्ष को लेकर कार्यक्रमों की श्रृंखला में मोहन भागवत लखनऊ के दो दिवसीय काफी अहम माना जा रहा है।
संघ प्रमुख ने अपने यूपी प्रवास के दौरान संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर खास फोकस कर रखा है। इससे पहले आज सुबह दो दिवसीय प्रवास के दौरान अंतिम दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है दिलीप कुमार ने सवाल किया कि भाजपा की सरकार बनते ही कुछ अवसरवादी लोग अपने फायदे के लिए संघ में शामिल हो जाते हैं जिससे समर्पित कार्यकर्ता भी उदासीन हो जाते हैं। इसके जवाब उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने समर्पण की जांच करानी चाहिए। संघ की कार्यपद्धति फूलप्रूफ है क्योंकि संघ देश के उत्थान के लिए समर्पित कार्यकर्ता से केवल लेता ही है, उसे देता कुछ नहीं। अगर अवसरवादी लोग आ भी जाते हैं तो वे संघ में ज्यादा दिन टिक नहीं पाते क्योंकि उन्हें पता चल जाता है कि हमसे उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला है।
डॉ. श्वेता श्रीवास्तव और कर्नल एमके सिंह के एक सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री के सलाहकार व पूर्व आईएएस अवनीश अवस्थी के प्रश्न के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि टैरिफ वार को दिल पर न लीजिए। सामने वाला हमें दबाकर देख रहा है कि हम कितना दब सकते हैं लेकिन उन्हें पता है कि हम दवेंगे नहीं। कहा, व्यापार विश्वास पर ही चलता है और टैरिफ की जबरदस्ती करने वाले अपना विश्वास खो रहे हैं, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा हमारा विश्वास मास प्रोडक्शन से ज्यादा प्रोडक्शन बाई मास पर है।

