रुद्रप्रयाग, 22 मई (ता)। द्वितीय केदार मध्यमेश्वर धाम के कपाट कर्क लग्न में गत दिवस पूर्वाह्न 11ः30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। गत दिवस बाबा की चल विग्रह उत्सव डोली अपने अंतिम पड़ाव गौंडार से सुबह 10 बजे मध्यमेश्वर धाम पहुंची। सुबह 10ः30 बजे मंदिर के मुख्य द्वार पर पूजा शुरू हुई और तय मुहूर्त पर कपाट खोल दिए गए। इसके बाद पुजारी शिव शंकर लिंग ने भगवान मध्यमेश्वर के स्वयंभू लिंग को समाधि रूप से शृंगार रूप दिया और फिर दर्शन का क्रम शुरू हो गया। बता दें कि शीतकाल के समापन या कपाट खुलने के तुरंत बाद स्वयंभू शिवलिंग को विशेष सामग्री से ढककर समाधि रूप दिया जाता है। ऐसे में शिवलिंग से समाधि हटाकर उन्हें निर्मल और प्राकृतिक रूप में लाया जाता है। इस मौके पर 1,135 श्रद्धालुओं ने बाबा मध्यमेश्वर के दर्शन किए। कपाट खुलने के मौके पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था। मध्यमेश्वर धाम रुद्रप्रयाग में जिले में समुद्रतल से 11,470 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कपाट खुलने के अवसर पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
Trending
- दिल्ली के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मिलीं बड़ी खामियां
- अनाहत सिंह को प्रधानमंत्री ने दी बधाई
- आयकर विभाग ने क्रिप्टो परिसंपत्तियों की निगरानी के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए
- कारीगरी होटल की इमारत के अवैध निर्माणकर्ता को बचाने के लिए कमेंट करने वाले निर्माण की जांच क्यों नहीं कराते, विकास के नाम पर मनमर्जी चलने वाली नहीं है
- गंगा में चिकन खाना अपराध नहीं : भुईयां
- राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को भारोत्तोलन में मिले सोना-चांदी
- कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए डीआईजी ने दिए निर्देश
- एलपीजी 10 व 5 किग्रा सिलेंडरों की एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा शुरू की

