गौतमबुद्धनगर 23 फरवरी। दिल्ली नोएडा डायरेक्ट फ्लाई-वे (DND Flyway) के जरिए दिल्ली से नोएडा जाने वाले और नोएडा से दिल्ली आने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। गौतमबुद्धनगर यातायात पुलिस ने DND फ्लाई-वे पर मरम्मत और री-सरफेसिंग कार्य के चलते अगले कुछ हफ्तों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान और एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक एडवाइजरी 22 फरवरी 2026 से शुरू होकर 18 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।
बता दें कि मरम्मत का काम रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक यानी पीक ऑवर्स के बाद किया जाएगा। वहीं मरम्मत का काम DND फ्लाई-वे के कैरिज-वे पर होगा, जिसका मकसद सड़क के रखरखाव को मेंटेन करना और उसकी गुणवत्ता सुधारना है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस ने रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले और आने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया है। जिसका पालन करने की अपील भी लोगों से की गई है।
2 रूटों पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए DND फ्लाई-वे से गुजरने की बजाय वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। पहला डायवर्जन महामाया की ओर से फ्लाई-वे पर जाने वाले वाहनों के लिए है, जो 18 मार्च तक दलित प्रेरणा स्थल से सीधे चिल्ला होकर दिल्ली जा सकेंगे। दूसरा डायवर्जन रजनीगंधा या सेक्टर-16 की ओर से DND टोल की तरफ आने वाले वाहनों के लिए है, जो 18 मार्च तक DND टोल से यूटर्न लेकर चिल्ला होकर अपने दिल्ली जा सकेंगे।
डीएनडी फ्लाईवे का रखरखाव करने वाली कंपनी Noida Toll Bridge Company Limited (एनटीबीसीएल) इस परियोजना को पूरा कर रही है. कंपनी के अनुसार, सड़क के उन्नयन और रखरखाव का काम अक्टूबर पिछले वर्ष शुरू हुआ था, लेकिन प्रदूषण संबंधी प्रतिबंधों और सर्दियों के मौसम के कारण काम में देरी हुई. कंपनी ने बताया कि बिटुमिनस सड़क निर्माण के लिए उपयुक्त तापमान और सामग्री की नियमित उपलब्धता जरूरी होती है. सर्दियों में कम तापमान और बिटुमेन की आपूर्ति में चुनौतियों के कारण कार्य प्रभावित हुआ. अधिकारियों के अनुसार, अब तक लगभग 70 प्रतिशत रिसर्फेसिंग कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.
यह DND फ्लाईवे पर दूसरी बड़ी मरम्मत परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग छह करोड़ रुपये है. इससे पहले 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले पांच करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण का कार्य पूरा किया गया था. गौरतलब है कि 6 फरवरी 2001 को शुरू हुआ 9.2 किलोमीटर लंबा यह आठ लेन का कॉरिडोर नोएडा को दिल्ली के महारानी बाग से जोड़ता है और प्रतिदिन करीब 2.5 लाख लोग इसका उपयोग करते हैं.

