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    Home»देश»रिश्वत लेते ASI और पूर्व पार्षद रंगे हाथ गिरफ्तार, साइबर फ्रॉड केस से नाम हटाने के लिए मांगे थे 2 लाख
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    रिश्वत लेते ASI और पूर्व पार्षद रंगे हाथ गिरफ्तार, साइबर फ्रॉड केस से नाम हटाने के लिए मांगे थे 2 लाख

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comMay 6, 2026No Comments12 Views
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    डूंगरपुर 06 मई। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाने में तैनात एक ASI और उसके लिए दलाली कर रहे पूर्व पार्षद को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया. शहर के बीचों-बीच हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. ACB ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

    डूंगरपुर ACB चौकी प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी. शिकायत में कहा गया कि साइबर थाने में तैनात ASI मदनलाल एक पुराने साइबर फ्रॉड मामले में उसकी बेटी और दामाद का नाम हटाने और मदद करने के बदले 2 लाख रुपये मांग रहा था.
    आरोप है कि यह पूरा सौदा पूर्व पार्षद दयालाल पाटीदार के जरिए तय कराया जा रहा था. शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की और रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई.

    जांच के दौरान रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 1 लाख रुपये देने की बात तय हुई. मंगलवार को जैसे ही परिवादी ने तय रकम आरोपियों को सौंपी, पहले से जाल बिछाकर बैठी ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ASI मदनलाल और पूर्व पार्षद दयालाल पाटीदार को रंगे हाथों पकड़ लिया.

    कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए. इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई.

    मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी मदनलाल का करीब 4 महीने पहले ही हेड कांस्टेबल से ASI पद पर प्रमोशन हुआ था. प्रमोशन के बाद भी वह साइबर सेल में ही तैनात था.

    अब ACB टीम उसके घर और अन्य ठिकानों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह के और मामले तो सामने नहीं आए हैं.

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