नागपुर, 15 जून। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है। इस कदम का उद्देश्य आयातित जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता कम करना और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ने की प्रक्रिया में तेजी लाना है।
गडकरी ने रविवार को कहा ईंधन के रूप में शुद्ध एथेनॉल के उपयोग को वैध बनाने की नियामक प्रक्रिया पूरी कर ली गई। मैंने 100 प्रतिशत एथेलॉन के उपयोग को कानूनी रूप से अधिकृत करने वाले नियमों को अंतिम रूप देने की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। पेट्रोल के सतत विकल्प के रूप में एथेनॉल की क्षमता पर मंत्री ने कहा कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के ईंधन आयात के बोझ को काफी कम कर सकता है। कंपनियां आने वाले हफ्तों में 100 प्रतिशत एथेनॉल के अनुकूल वाहन बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं।
गडकरी ने कहा कि हालांकि इस आइडिया को शुरू में संदेह और आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा- ‘मैं इस सपने के बारे में बात करता था और लोग हंसते थे। कुछ मित्रों ने तो इसकी आलोचना भी की।’
गडकरी ने आगे बताया कि कई प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता आने वाले हफ्तों में एथेनाल से चलने वाले वाहन पेश करने की तैयारी कर रहे हैं।
टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई जैसे कंपनियां अगले डेढ़ महीने में 100 प्रतिशत एथेनॉल आधारित वाहन लॉन्च करेंगी। पिछले सप्ताह, सरकार ने E85 ईंधन को E85-संगत फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए पेश किया था।

