Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
    • बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
    • कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
    • पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
    • छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा
    • प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत
    • दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर पार्ट 2 जल्द
    • रक्षाबंधन पर परिवहन निगम छह दिन अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»कट्टरता दिखाने वाला सेना में रहने लायक नहीं : कोर्ट
    देश

    कट्टरता दिखाने वाला सेना में रहने लायक नहीं : कोर्ट

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comNovember 26, 2025No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली 26 नवंबर। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय सेना से बर्खास्त एक पूर्व ईसाई अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि सैनिक सेना के सामूहिक मूल्यों पर अपनी निजी धार्मिक मान्यता को प्राथमिकता नहीं दे सकते।

    पीठ ने बर्खास्त अधिकारी को एक ऐसा सैनिक कहा, जिसने अपने ‘धार्मिक अहंकार’ को अपने ही लोगों के अनुशासन, एकता और सम्मान पर हावी होने दिया। उसका व्यवहार अनुशासनहीनता है और ऐसा रवैया सेना में स्वीकार्य नहीं है। अधिकारी ने अपनी रेजिमेंट के ‘सर्व धर्म स्थल’ (सभी धर्मों के लिए पूजा की जगह)पर जाने से इनकार कर दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पूर्व अधिकारी सैमुअल कमलेसन की बर्खास्तगी को बरकरार रखते हुए उसकी याचिका खारिज कर दी।

    सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
    शीर्ष अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता अधिकारी सैमुअल कमलेसन का आचरण सैन्य अनुशासन के अनुरूप नहीं था। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘वह किस तरह का संदेश दे रहे हैं? उन्हें तो बस इसीलिए बाहर कर देना चाहिए था। यह किसी सैन्य अधिकारी की ओर से घोर अनुशासनहीनता है। नेतृत्वकर्ता को तो उदाहरण पेश करना चाहिए। आप अपने सैनिकों का अपमान कर रहे हैं। जब एक पादरी ने आपको सलाह दी, तो आपने उसे नहीं माना। वर्दी में रहकर आप इस बात पर निजी राय नहीं रख सकते कि आपका धर्म क्या अनुमति देता है।’

    अपीलकर्ता के वकील ने क्या कहा?
    कमलेसन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि उनके मुवक्किल को उनकी तैनाती स्थल पर स्थित एक मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से इन्कार करने के एकमात्र कृत्य के लिए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने इन्कार इसलिए किया क्योंकि यह उनके ईसाई धर्म का उल्लंघन है। अधिकारी ने इसके अलावा सभी बहु-धार्मिक स्थलों और रेजिमेंट कार्यक्रमों में सम्मानपूर्वक भाग लिया।

    क्या है मामला?
    वर्ष 2017 में तीसरी कैवलरी रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने वाले कमलेसन को सिख कर्मियों वाली ‘बी’ स्क्वाड्रन के ‘ट्रुप लीडर’ के रूप में तैनात किया गया था। रेजिमेंट में एक मंदिर और एक गुरुद्वारा था, लेकिन कोई सर्व धर्मस्थल या चर्च नहीं था। कमलेसन ने दावा किया था कि वह साप्ताहिक धार्मिक परेड के लिए दोनों स्थानों पर सैनिकों के साथ गए, लेकिन धार्मिक अंतरात्मा का हवाला देते हुए आरती, हवन या पूजा के दौरान गर्भगृह में प्रवेश करने से परहेज किया।

    सेना का कहना था कि अधिकारी ने अनिवार्य रेजिमेंटल परेड में शामिल होने से बार-बार इन्कार किया और वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे अनुशासन के महत्व पर सलाह देने के कई प्रयास किए। लेकिन उसने इन्कार कर दिया और इससे यूनिट की एकजुटता कमजोर हुई, जो प्रभावी परिचालन के लिए आवश्यक है।

    delhi supreme-court tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं

    August 13, 2026

    छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा

    August 13, 2026

    प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत

    August 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.