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    Home»देश»नदियों के नेचुरल इंजीनियर और सफाईकर्मी कहे जाने वाले जानवरों को बड़ी संख्या में
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    नदियों के नेचुरल इंजीनियर और सफाईकर्मी कहे जाने वाले जानवरों को बड़ी संख्या में

    adminBy adminFebruary 3, 2026No Comments19 Views
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    मेरठ के हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगाघाट पर छोड़े गए १६३३ कछुवे बनेंगे निर्मलता का कवच। बताते चलें कि गंगा में पाए जाने कछुवे केवल जीव नहीं बल्कि यह नदियों को पवित्र रखने में भी सक्षम है। नदी के नेचुरल इंजीनियर व सफाईकर्मी के रूप में भी हम इन्हें देख सकते हैं क्योंकि इनकी विशेषताएं नदियों को परिस्थितियों के तहत अनिवार्य बनाती हैं क्योंकि कछुवे सड़े गले जैविक कचरे मृत शरीरों को खाकर पानी को साफ रखते हैं। स्वच्छ जल योजना के तहत काम करने वाली संस्थाओं को देशभर की नदियों में कछुओ के साथ ही अन्य उपयुक्त जीवों की संख्या बढ़ाने के लिए भी काम करते हुए इनमें गिरने वाले गंदे पानी के स्त्रोतों को रोकने और नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए नदियों की सफाई के इन इंजीनियरव अन्य जीवों की ज्यादा से ज्यादा उपलब्धता तय की जाए।
    (प्रस्तुतिः-रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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