इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा भ्रष्टाचार रोकने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि अब स्वीकार किया जाना चाहिए कि राज्य सरकार कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अफसरों को चिन्हित कर उनकी जवाबदेही कमियों के लिए तय की जाए। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने अवनेश अग्रवाल की याचिका को स्वीकार कर उनके पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए एनओसी जारी करने का आदेश करते हुए की। कोर्ट ने कहा कि राज्य को उच्च जिम्मेदारी का सिद्धांत अब अपनाना चाहिए और वरिष्ठ अफसरों की जवाबदेही तय की जाए। हाईकोर्ट की टिप्पणी समयानुकुल और जनहित की है क्योंकि ज्यादातर विभागों में होने वाले गलत कामों को रोकने के लिए विफल होने पर अपराधिक रुप से भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि अफसरों को अपने अधीन काम करने वालों के आचरण के प्रति जवाबदेह ठहराना समय की मांग है। मुझे लगता है कि स्वच्छ प्रशासन की सरकार की मंशा लागू करने के लिए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर के फैसले के तहत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। क्योंकि अब केंद्र व प्रदेश सरकार को काफी समय हो गया है। इसलिए इस प्रकार के अभियान जो उनके द्वारा चलाए गए थे उन पर कार्रवाई होती नजर आनी चाहिए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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