Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई
    • डिजिटल ठगी में 25 हजार का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं, रिजर्व बैंक के अफसर मुंह बंद करने की बजाय ठोस उपाय ढूंढे
    • पीएम मोदी के गुरुमंत्र को आत्मसात करें छात्र, अंकों के पीछे ना भागकर खुद को जीवन की कसौटी पर कसें अभिभावक
    • भारत का देसी एआई 22 भाषाओं में बोलेगा, इसी महीने आएगा टेक्स्ट वर्जन
    • करीना कपूर एलओसी कारगिल फिल्म के सीन को याद कर भावुक हुईं
    • प्रयागराज के IVF सेंटर पर सौदा, नाबालिग को शादीशुदा बताकर एग्स निकलवाने वाली 4 महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार
    • पेराई क्षमता बढ़ी बागपत चीनी मिल की
    • बीड़ी के धुएं ने रोक दी मथुरा में ट्रेन
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»खेलों और शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी प्रकार के प्रदूषण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो
    देश

    खेलों और शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी प्रकार के प्रदूषण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो

    adminBy adminNovember 20, 2025No Comments3 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    हमारी सरकारें स्कूलों की पुरानी बिल्डिंगे तुड़वाकर उन्हें नया बनाने एवं और स्कूल खुलवाने के लिए भरपूर प्रयासरत है जिससे हर बच्चा साक्षर हो सके। यह अभियान कितना सफल है और इससे जुड़े लोग इसे कितना कामयाब होने देगे यह तो भविष्य में पता चलेगा लेकिन फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अनुसार बच्चों को गैस चौंबर में नहीं डाल सकते। जहरीली हवाओं में स्कूली खेलों की तैयारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि व्यस्क लोग प्यूरीफायर चालू करके बंद जगहों पर बैठे हैं। स्कूलों को खेल टालने का निर्देश जारी करें। क्योंकि जैसा दिखाई दे रहा है उस हिसाब से सरकारें खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए तो प्रयासरत नजर आ रही है लेकिन गैंस चौंबर से उन्हें बचाए की जिम्मेदारी से भाग रही हैं। ऐसे में मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सही है क्योंकि जब तक यह गैस चौंबर के रूप में फैला प्रदूषण समाप्त नहीं होगा तब तक ना तो इस व्यवस्था का कोई औचित्य नजर नजर आता है। न्यायालय से अलग हटकर भी देखा जाए तो स्कूली बच्चों के वाहनों के जो मानक तय किए गए हैं उन पर ना तो बच्चों की संख्या को लेकर और ना ही फिटनेस के मामले में पालन नहीं हो पा रहा लगता है। बताते चलें कि आरटीओ द्वारा इनसे होने वाली दुर्घटना और प्रदूषण को रोकने के लिए बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन घरों से स्कूल तक जाने वाले वाहन नियमों पर उतरते नजर नहीं आते हैं और जिस रास्ते से यह गुजरते हें वहां प्रदूषण का गुब्बार छोडते चले जाते हैं और चालकों की लापरवाही तथा बच्चों के जीवन से होने वाले खिलवाड़ दुर्घटनाओं के मामलें में गंभीर नहीं माना जा रहा है। मुझे लगता है कि जीवन में स्वास्थ्य के लिए खेल भी जरूरी है। बच्चे आगे बढ़ने और परिवार की खुशहाली के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। सरकार को चाहिए कि अपने आप संज्ञान लेकर या इस बारे में जनहित याचिकाओं का संज्ञान लेकर खेल और शिक्षा के लिए उचित माहौल स्थापित करने हेतु सभी प्रकार की प्रदूषण की समाप्ति हेतु इसे फैलाने और रोकने के लिए जिम्मेदार प्रदूषण विभाग, शिक्षा और आरटीओ अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए क्येांकि देश का भावी भविष्य विकास के लिए कार्य करेगा लेकिन बचपन से ही यह प्रदूषण से अपनी इच्छाशक्ति कमजोर और बीमारियों का शिकार हो गया तो कैसे चलेगा काम।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई

    February 7, 2026

    डिजिटल ठगी में 25 हजार का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं, रिजर्व बैंक के अफसर मुंह बंद करने की बजाय ठोस उपाय ढूंढे

    February 7, 2026

    पीएम मोदी के गुरुमंत्र को आत्मसात करें छात्र, अंकों के पीछे ना भागकर खुद को जीवन की कसौटी पर कसें अभिभावक

    February 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.