मेरठ 21 जुलाई (प्र)। कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ में आम जनता की सुविधा के लिए गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली- देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे को आम वाहनों के लिए खुला रखा जाएगा। हालांकि, सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए इन एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों के पैदल या वाहनों से चलने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ में प्रशासन द्वारा उठाए गए मुख्य कदमों के तहत गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे से कांवड़ियों को दूर रखा जाएगा और वे केवल अपने पारंपरिक मार्गों का ही इस्तेमाल करेंगे। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए दोनों एक्सप्रेसवे के सभी कटों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा ताकि वे इन पर प्रवेश न कर सकें। यात्रा के चरम के दौरान शिवरात्रि के आसपास यातायात के दबाव को देखते हुए भारी वाहनों के रूट में बदलाव किया जाएगा, ताकि आम यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार मेरठ में ली समीक्षा बैठक में आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के लिए विशेष यातायात और सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और आमजन दोनों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। आमजन को राहत देने के लिए दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन सुचारू रूप से जारी रहेगा। इन मार्गों पर कांवड़ियों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इनके लिए अलग सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
वहीं मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान 29 जुलाई की मध्यरात्रि ( रात 12 बजे) से दिल्ली- सहारनपुर, मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे सहित मुख्य और अंदरूनी मार्गों पर भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। यह डायवर्जन और भारी वाहनों पर प्रतिबंध 12 अगस्त तक लागू रहेगा।
कांवड़ियों की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए प्रशासन द्वारा जारी रूट डायवर्जन लागू किया गया है। इसके बाद 6 अगस्त से कांवड़ मार्गों पर छोटे वाहनों (जैसे कार, जीप आदि) का संचालन भी बंद कर दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था और कांवड़ियों की भारी भीड़ के दबाव को देखते हुए आम जनता के लिए रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। हल्के वाहनों को हाईवे के बजाय अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा।

