शामली, 07 मार्च (अम)। यूजीसी कानून के विरोध एवं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण को लेकर सुर्खियों में आने पर शासन से बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री गत दिवस फिर से शामली पहुंचे। निलंबन में शामली जिले से संबंद्ध किए गए अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप पत्र का जवाब देने के लिए डीएम से एक माह का समय और मांगा। इसके अलावा आलइंडिया ब्राह्मण महासभा ने उनका स्वागत किया।
बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी 2026 को यूजीसी के नए नियमों, कथित धार्मिक अपमान और शंकराचार्य के अपमान के विरोध में इस्तीफा दे दिया था। बाद में शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए जिलाधिकारी शामली कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इस पर डीएम शामली ने उन्हें नोटिस भेजा था। गत नौ फरवरी में अलंकार अग्निहोत्री शामली पहुंचकर डीएम अरविंद कुमार चौहान से नोटिस रिसीव कर आरोप पत्र के जवाब के लिए एक माह का समय मांगा था।
उप्र सरकार ने बरेली में तैनात नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में 26 जनवरी की देर रात निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद उन्हें शामली के जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इससे पहले, अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों, विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले पर नाराजगी जताते हुए 26 जनवरी को दिन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर विवाद उत्पन्न हो गया था।
Trending
- केजीएमयू में फर्जी डॉक्टर इंटर पास युवक पकड़ा गया, मतांतरण का संदेह
- ग्लोबल चेंजमेकर्स के साथ मिलकर जैकलीन फर्नांडीज़ ने महिलाओं की आवाज़ को किया बुलंद
- ‘आख़री सवाल’ के लिए मेकर्स की थीं पहली पसंद थीं अभिनेत्री नीतू चंद्रा
- हेलमेट ना होने एवं काले शीशे के लिए चालान करने से प्रतिबंधों का पालन संभव नहीं है, पुलिस को अपने व्यवहार और आचार में करना होगा बदलाव
- आईपीएल 2026 : तिलक के पास काफी प्रतिभा है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं : हार्दिक पंड्या
- कल खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, मंदिर परिसर में नहीं कर सकेंगे फोटो और वीडियोग्राफी
- लोहिया संस्थान: दाढ़ी-लंबे बाल पर जुर्माना, महिलाओं के लिए जूड़ा अनिवार्य
- एमडीएस कोर्स शुरू करने की तैयारी जामिया यूनिवर्सिटी में

