मवाना, 09 जून (प्र)। मवाना थाने पर एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) तथा टोल प्रबंधन के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें दोनों पक्षों के बीच टोल टैक्स को लेकर चल रहे विवाद पर चर्चा की गई, जिसके बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया। इसके बाद पंचायत रद्द करने की घोषणा कर दी गई।
बैठक के बाद उसमें हुए समझौते की जानकारी देते हुए भाकियू के एनसीआर महासचिव नरेश चौधरी मुबारकपुर ने बताया कि भैंसा टोल प्लाजा के 10 किलोमीटर दायरे में रहने वाले किसी भी व्यक्ति से टोल टैक्स नहीं लेने का समझौता हुआ है। इसी सहमति के आधार पर दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त हो गया। भाकियू की ओर से बैठक में तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र तालियान, मनोज खत्री, डॉ. टीटू, संजय, जय बहादुर (सदरपुर) सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इस समझौते के बाद भाकियू के एनसीआर महासचिव नरेश चौधरी ने टोल प्लाजा पर प्रस्तावित पंचायत को वापस लेने की घोषणा कर दी। कहा कि प्रशासन और टोल प्रबंधन द्वारा किसानों एवं स्थानीय ग्रामीणों की मांगों को स्वीकार करने के बाद आंदोलन की आवश्यकता नहीं रह गई है।
वहीं, टोल प्रबंधन की ओर से टोल मैनेजर बादल चौधरी ने बैठक के बाद बताया कि टोल प्रबंधन द्वारा जारी सूची के अनुसार 12 गांवों के निवासियों को टोल शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इनमें छोटा मवाना, पहाड़पुर, दूधली, भैंसा, खेड़ी मनिहार, मुबारिकपुर, कोहला, बहजादका, तिगरी, निलोहा, कौल व पिलौना मुख्य है। इन गांवों के लोग अपनी पहचान पत्र (आईडी) दिखाकर टोल प्लाजा से बिना शुल्क के आवागमन कर सकेंगे। इसके अलावा भाकियू से जुड़े लोगों के लिए भी व्यवस्था की गई है। भाकियू कार्यकर्ता ब्लॉक अध्यक्ष की पुष्टि के बाद अथवा अपना संगठनात्मक कार्ड दिखाकर टोल प्लाजा से निशुल्क गुजर सकेंगे। आश्वासन दिया टोल परगलत अथवा अनुचित व्यवहार करने वाले कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जाएगी।
आपराधिक कर्मचारी की नहीं होगी तैनाती
एसडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि भाकियू व टोल प्रबंधन के बीच में समझौता हो गया है। टोल पर आपराधिक कर्मचारी की तैनाती नहीं की जाएगी। टोल कर्मी अपने व्यवहार में सुधार करेंगे। टोल प्रबंधन अपने मानकों के अनुसार गांवों के लोगों को निशुल्क आने-जाने देंगे।

