शामली, 10 फरवरी। शंकराचार्य विवाद एवं यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर चर्चाओं में आए निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सोमवार को शामली कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने डीएम से मिलकर उन्हें योगदान आख्या दी और उनसे आरोप पत्र प्राप्त किया। उन्होंने अपने निलंबन को अंसवैधानिक बताते हुए आरोप पत्र का जवाब देने के लिए 30 दिन का समय मांगा।
अलंकार अग्निहोत्री सोमवार को शामली पहुंचे। वह कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम अरविंद कुमार चौहान से मिले और सरकारी औपचारिकताएं पूरी कीं। डीएम ने उन्हें शासन की ओर से जारी आरोप पत्र रिसीव कराया। इस्तीफे के बाद शासन ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर शामली कलक्ट्रेट से सबंद्ध कर दिया था। इसी क्रम में वह सोमवार को शामली पहुंचे थे। डीएम से मिलने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में अग्निहोत्री ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया अंसवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन की कोशिश थी कि वह इस्तीफा वापस ले लें, लेकिन ऐसा न करने पर उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
यूजीसी नियमों पर फिर निशाना साधा
अलंकार अग्निहोत्री ने फिर यूजीसी नियमों पर निशाना साधा और इसे डिवाइड एंड रूल की नीति बताया। कहा, समाज पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका है। केंद्र सरकार की कई नीतियां समाज को तोड़ रही हैं। यूजीसी के नए नियम भी इसी की एक कड़ी है। देश में एक गुजराती सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश में 562 रियासतों को जोड़ा लेकिन नए गुजराती देश को तोड़ना चाहते हैं। इन्ही नीतियों के कारण जनरल और ओबीसी वोटर सरकार से दूर जा चुका है।

