कुरुक्षेत्र , 03 जुलाई (ता)। भारतीय संस्कृति और सभ्यता के केंद्र तथा भगवान श्रीकृष्ण की पावन भूमि कुरुक्षेत्र के बीचों-बीच स्थित है हरियाणा राज्य की एक ऐतिहासिक धरोहर—थानेसर। 7वीं शताब्दी में सम्राट हर्षवर्धन की राजधानी रहा तथा सरस्वती-घग्गर नदी के तट पर बसा यह प्राचीन नगर चंडीगढ़ से महज 100 और दिल्ली से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अपने आसपास स्थित धार्मिक स्थलों, मंदिरों, संग्रहालयों, बाग-बगीचों, मेलों और कला प्रदर्शनियों के कारण यह पर्यटकों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है।
इसके अनेक आकर्षणों में से एक है थानेसर का बाजार, जो कुरुक्षेत्र की सबसे पुरानी शॉपिंग स्ट्रीट है। यहां की छोटी-छोटी दुकानें, उनकी रंग-बिरंगी सजावट, जायकेदार चटपटे व्यंजनों के ठेले, लंबी-संकरी गलियां और उनमें ग्राहकों व सैलानियों की भीड़—सभी मिलकर एक अलग ही समां बांधते हैं। यहां आप सस्ते दामों पर कई प्रकार की वस्तुएं खरीद सकते हैं, चाहे सूट-साड़ी हों, घर की सजावट का सामान, बच्चों के खिलौने, खान-पान या शृंगार से जुड़ी वस्तुएं अथवा किसी विशेष अवसर के लिए आभूषण।
यहां की भीड़-भाड़ वाली आड़ी-तिरछी संकरी गलियों में आपको रिक्शे, मोटरसाइकिल और स्कूटर चलते दिखाई देंगे। यदि आप पर्यटक हैं, तो यकीन मानिए, जो आनंद यहां पैदल घूमने में है, वह किसी अन्य तरीके में नहीं।
थानेसर में खान-पान का प्रमुख विकल्प शाकाहारी भोजन है। शाकाहारी भोजन यहां की संस्कृति और रहन-सहन का एक अहम हिस्सा है तथा यहां रहने वाले अधिकांश लोगों की पहली पसंद भी।
यदि आप थानेसर बाजार में हों और आपका कुछ मीठा खाने का मन हो, तो सब्जी मंडी के पास मिलने वाली खोये की बर्फी का स्वाद एक बार अवश्य चखें। वहीं यदि आप चटपटे व्यंजनों के शौकीन हैं, तो पालिका बाजार में सात प्रकार के गोलगप्पों के लजीज स्वाद का आनंद ले सकते हैं।
शेख चेहली का मकबरा
कुरुक्षेत्र के अतीत और विरासत से जुड़े अधिकांश पर्यटन स्थल यहीं स्थित हैं। इनमें प्रमुख है ईरानी सूफी संत शेख चेहली (शेख चिल्ली) का मकबरा। इतिहासकारों के अनुसार शेख चेहली 16वीं शताब्दी में थानेसर आए थे और यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली थी। मुस्लिम शासक शेर शाह सूरी के शासनकाल में निर्मित इस भव्य ऐतिहासिक मकबरे का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि वास्तुकला की दृष्टि से इसे देश के प्रमुख मुगल स्मारकों में गिना जाता है।
शेख चेहली के मकबरे के ठीक बगल में 17वीं शताब्दी में निर्मित पत्थर मस्जिद तथा पुरातात्त्विक संग्रहालय भी स्थित हैं। यहां के अन्य प्रमुख आकर्षणों में हर्षवर्धन पार्क और हर्ष का टीला शामिल हैं। यह क्षेत्र कभी सम्राट हर्षवर्धन के साम्राज्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था। हर्ष के टीले से प्राप्त अवशेषों में कुषाण, गुप्त, वर्धन, राजपूत और मुगल काल की झलक मिलती है।
प्राचीन काल में कुरुक्षेत्र को थानेश्वर के नाम से जाना जाता था। ‘थानेश्वर’ शब्द की उत्पत्ति ‘स्थाण्वीश्वर’ से मानी जाती है, जिसका अर्थ है—‘ईश्वर का घर’। इसी मान्यता को प्रमाणित करता है शेख चेहली के मकबरे से कुछ ही दूरी पर स्थित शहर का सबसे प्राचीन स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर।
कुरुक्षेत्र में 360 से भी अधिक धार्मिक स्थल हैं। इनमें सबसे प्रमुख दर्शनीय स्थल ब्रह्मसरोवर है, जो थानेसर में ही स्थित है। मान्यता है कि सूर्यग्रहण के दिन यहां स्नान करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जब भगवान श्रीकृष्ण और उनके बड़े भाई बलराम पहली बार यहां स्नान करने आए थे। यहां खाटू श्याम जी का एक प्राचीन मंदिर भी है। थानेसर बाजार के समीप एक और प्राचीन मंदिर भद्रकाली मंदिर स्थित है। इसके ठीक सामने जिंदल पार्क है, जिसका शुमार उत्तर भारत के सबसे बड़े पार्कों में होता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, साज-सज्जा, बच्चों के झूले और म्यूजिकल फाउंटेन पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।
कुरुक्षेत्र एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां ऐतिहासिक महत्व के अनेक गुरुद्वारे हैं। दस सिख गुरुओं में से नौ गुरु यहां आए थे। छठे गुरु गुरु हरगोबिंद साहिब थानेसर बाजार के समीप स्थित गुरुद्वारा छठी पातशाही में ठहरे थे। यहां स्थित सरोवर इस पवित्र धर्मस्थल की शोभा बढ़ाता है।
अन्य आकर्षण : ज्योतिसर, श्रीकृष्ण संग्रहालय, कल्पना चावला तारामंडल, पैनोरमा तथा वार्षिक गीता जयंती समारोह भी यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
कैसे पहुंचें : दो अंतरराज्यीय बस अड्डों और रेलवे स्टेशन के कारण थानेसर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। चंडीगढ़-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिपली उतरकर ऑटो-रिक्शा, टैक्सी या लोकल बस के माध्यम से कुछ ही मिनटों में थानेसर बाजार पहुंचा जा सकता है।
कहां ठहरें : हरियाणा पर्यटन का पिपली में पर्यटन परिसर तथा पीडब्ल्यूडी का रेस्ट हाउस उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त यूथ हॉस्टल, विश्वविद्यालय का गेस्ट हाउस तथा अनेक धर्मशालाएं भी ठहरने के लिए उपलब्ध हैं।
Trending
- जिम्मेदार क्यों नहीं कर रहे हिंसक जानवरों से नागरिकों को बचाने के प्रयास, प्रतिदिन कुत्ते बंदर सांड लोगों को कर रहे हैं घायल
- मंदिर झुक गया सीधा करने में मिली सफलता, एएसआई तकनीकी को और मजबूत व प्रचारित किया जाए
- अब ऐप के माध्यम से पहुंचेंगे नानी दादी के घर गांव में नीम पीपल मंदिर कुंआ चौपाल जैसे शब्द यादों में रह जाएंगे
- एक्शन, सस्पेंस और रोमांच से भरपूर है फिल्म अल्फा
- ई-रिक्शा बंद करने वाले तीन मोबाइल ऐप्स पर सरकार ने लगाया बैन; गूगल और एप्पल को दिए हटाने के निर्देश
- जीवंत झलक विरासत और आधुनिकता की
- पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी अनिकेत चौहान समेत 4 बदमाश गिरफ्तार, 11 लाख नकद और हथियार बरामद
- अब जनता के हक का हिसाब मांगेगा कांग्रेस का एक-एक सिपाही : अजय राय

