बागपत,11 मार्च। बागपत के काठा गांव में एक फौजी साथी की सड़क हादसे में मौत के बाद जाट बटालियन के 11 फौजियों ने अनूठी मिसाल पेश की। इन फौजियों ने दिवंगत साथी की बेटी की शादी में पहुंचकर सारी रस्मों में हिस्सा लेते हुए पिता का धर्म निभाया और 6.10 लाख रुपये का कन्यादान भी दिया। अपनी हथेलियों पर बेटी प्राची को चलवाते हुए स्टेज तक लाए। यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था।
दरअसल, वर्ष 2020 में काठा गांव निवासी फौजी हरेंद्र सिंह की सड़क हादसे में उस समय मृत्यु हो गई थी, जब वे सेवानिवृत्त होकर घर लौट रहे थे। हरेंद्र सिंह 21 जाट बटालियन में फौजी थे और उनका बेटा हर्षित भी अग्निवीर फौजी (11 जाट बटालियन) हैै। सोमवार रात हरेंद्र फौजी की बेटी प्राची की शादी धूमधाम से हुई। इस शादी में पिता के न होने की कमी 21 जाट बटालियन के फौजियों ने खलने ही नहीं दी। बटालियन के 11 फौजी साथी बेटी प्राची की शादी में पहुंचे। उन्होंने शादी में पिता की भूमिका निभाते हुए न सिर्फ कन्यादान किया, बल्कि विदाई की रस्में भी पूरी की।
जवानों ने साथी से किया वादा निभाया
जवानों ने अपने दिवंगत साथी की बेटी को आशीर्वाद दिया और कन्यादान के रूप में 6 लाख 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की। उन्होंने हरेंद्र सिंह से किए गए वादे को पूरा किया। हालांकि हरेंद्र इस दृश्य को देखने के लिए जीवित नहीं थे। परिवार ने सेना को शादी का निमंत्रण कार्ड पूरी यूनिट को भेजा था। हरेंद्र सिंह की पत्नी अमृता देवी, दो बेटे और एक बेटी प्राची के लिए यह शादी इन फौजियों ने सच में यादगार बना दी। वर्दी में जाट रेजिमेंट के जवानों की उपस्थिति ने शादी समारोह को गरिमामय बना दिया। प्राची का विवाह शामली निवासी असिस्टेंट बैंक मैनेजर शुभम पुत्र प्रवीण कुमार के साथ हुआ। हरेंद्र की मृत्यु के बाद,परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी अमृता ने संभाली।

