नई दिल्ली, 30 जून (ता)। देश के कई शहरों में एक बार फिर आलू-प्याज और टमाटर की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। इन तीन चीजों की कीमतें बढ़ने से आगे आने वाले समय में खाने-पीने की चीजों की महंगाई यानी कि फूड इंफ्लेशन बढ़ने का डर अब लोगों को सताने लगा है।
कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के डाटा के मुताबिक, पिछले एक महीने में टमाटर की औसत रिटेल कीमत 18 फीसदी, प्याज की 11 फीसदी और आलू की 1.3 फीसदी बढ़ी है। साल-दर-साल के आधार पर देखें तो टमाटर की कीमतें 25 फीसदी और प्याज की कीमतें 3.3 फीसदी बढ़ी हैं, जबकि आलू की कीमतों में 17 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
भीषण गर्मी और सप्लाई में कमी का असर सब्जियों की कीमतों पर दिख रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में टमाटर 50 फीसदी तक महंगे हो गए हैं, जबकि दिल्ली में कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं।
बेमौसम बारिश से फसल के स्टोरेज की क्वालिटी पर असर पड़ने के बाद कई राज्यों में प्याज की कीमतें 10-20 फीसदी बढ़ी हैं। मानसून के आने, उसके फैलाव और तेजी के आधार पर मॉनसून के दौरान प्याज और टमाटर की कीमतों में मौसमी उछाल आता रहता है। अल-नीनो और बारिश में देरी के कारण पड़ी भीषण गर्मी ने टमाटर की नाज़ुक फसल को सबसे ज़्यादा प्रभावित किया है।
आजादपुर प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष अशोक कौशिक के अनुसार, टमाटर की कम सप्लाई के साथ-साथ गर्मी के कारण इसके परिवहन में भी परेशानी आ रही है। राजस्थान और हरियाणा से दिल्ली आने वाली टमाटर की आवक प्रभावित हुई है।
जानकारों का मानना है कि मौसम और मानसून की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में टमाटर और प्याज की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर महंगाई दर और खाद्य महंगाई पर भी पड़ने की संभावना है।
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