गोंडा, 07 फरवरी। गोंडा के एक निजी स्कूल के कक्षा दो में पढ़ने वाले 09 वर्षीय छात्र को गृहकार्य पूरा न करने पर कथित तौर पर 105 डंडे गिनकर मारे गए। इससे बच्चे के दोनों पैरों व शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान उभर आए। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। वहीं, स्कूल प्रबंधतंत्र ने शिक्षक को नौकरी से निकाल दिया है।
करनैलगंज थाना क्षेत्र के चतरौली निवासी राज प्रसाद ने बताया कि उनका पुत्र अभिषेक गोस्वामी गुमदहा स्थित एमआरजी पब्लिक स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता है। गत दिवस वह विद्यालय गया था। गृहकार्य पूरा न होने पर शिक्षक प्रखर सिंह ने 105 डंडे मारे। घर लौटने पर बच्चे की हालत देख परिजन सन्न रह गए। उसके पैरों पर सूजन और गहरे निशान थे। इसके बाद उसे उपचार दिलाया गया।
चतरौली के रहने वाले राज प्रसाद गोस्वामी (45) मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में पत्नी जानकी (40) बेटा अवधेश (22) बेटी रिशु (16) और 10 साल का सबसे छोटा बेटा अभिषेक हैं। छोटा बेटा गुमदहा के एमआरजी पब्लिक स्कूल में कक्षा 2 का छात्र है। बुधवार को सुबह 9 बजे स्कूल गया। उसने अपनी सभी क्लासेज लीं।
लंच के बाद 1 बजे सोशल साइंस की क्लास लेने के लिए टीचर प्रखर सिंह (38) आए। उन्होंने आते ही बच्चों से होमवर्क दिखाने के लिए कहा। प्रखर बारी-बारी से होमवर्क चेक करने लगे। वह पीड़ित बच्चे के पास पहुंचे। उसका होमवर्क पूरा नहीं था। इस पर प्रखर आग बबूला हो गए। उन्होंने बच्चे को पीटना शुरू कर दिया।
प्रखर ने बच्चे के पैरों से मारना शुरू किया। उसके पूरे शरीर पर गिनकर 105 डंडे मारे। ये देखकर क्लास के बाकी बच्चे सहम गए। अभिषेक जोर-जोर से रोने लगा। बच्चे को ज्यादा रोता देख टीचर ने उसे बिस्किट दिया। फिर धमकाते हुए बोला- अगर घर पर कुछ बताया तो कल और मारूंगा।
बच्चे के पिता को स्कूल से डांटकर भगाया : छुट्टी होने के बाद बच्चा रोते हुए घर पहुंचा। उसने अपने पिता राज प्रसाद को सारी बात बताई। राज प्रसाद ने बच्चे का प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद 4.30 बजे राज प्रसाद शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे। स्कूल के प्रिंसिपल माधवराज ने उन्हें डांटकर भगा दिया। रात 7 बजे राज प्रसाद बेटे को लेकर थाने पहुंचे। टीचर प्रखर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। चचरी चौकी प्रभारी एसआई अवनीश शुक्ला को मामले की जांच सौंपी गई तथा बच्चे का मेडिकल कराया गया।
राज प्रसाद ने बताया कि जब मैं शिकायत लेकर स्कूल पहुंचा तो प्रिंसिपल ने मेरे लड़के से उल्टा कहा कि जब टीचर ने मारा तो मुझे आकर क्यों नहीं बताया। अब बताइए मेरा लड़का नाबालिग है। उसे कोई 40 साल का आदमी पकड़कर मारेगा तो वह कैसे छुड़ाकर जा पाएगा। इसके बाद जब चौकी इंचार्ज ने टीचर के पिता को बुलवाया तो उन्होंने कहा कि तुम हमारा कुछ नहीं कर सकते। मेरे लड़के को फांसी नहीं दिलवा दोगे। फांसी दिलवाना मेरा अधिकार नहीं है, लेकिन सजा जरूर दिलवा सकता हूं। बस उसे सजा दिलाई जाए। उसे अरेस्ट किया जाए।
प्रिंसिपल बोले कि हम बच्चे की दवा करा देते वहीं, स्कूल के विद्यालय के प्रिंसिपल माधवराज ने बताया- छात्र कुछ दिनों से लगातार होमवर्क पूरा नहीं कर रहा था। इसी से नाराज होकर टीचर ने उसे मारा। हमने बच्चे के पिता से कहा था कि दवा करवा देंगे, लेकिन उन्होंने थाने जाकर टीचर पर एफआईआर करवा दी।
ऐसा दूसरे किसी बच्चे के साथ न हो, इसलिए हमने टीचर को स्कूल से निकाल दिया। अब उस टीचर से जुड़ी मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है। मैं पुलिस का पूरा सहयोग कर रहा हूं। हमने अपने सभी टीचरों को हिदायत दी है कि किसी बच्चे के साथ दोबारा न हो।
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