बिजनौर 20 मार्च। जनपद से गुजर रहे मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए बिजनौर और नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के 16 गांवों की भूमि का चयन किया गया है। इन गांवों की करीब दो हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने औद्योगिक गलियारे का प्रस्ताव यूपीडा को भिजवा दिया है।
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाने के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव मांगा था। हाईवे और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे भूमि तलाश करने के लिए कहा था। इसके बाद मेरठ-पौड़ी हाईवे-119 और प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए भूमि चयनित की गई।
मेरठ-पौड़ी हाईवे के किनारे तहसील सदर और नजीबाबाद क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 11,544 करोड़ रुपये के एमओयू पर पहले ही साइन हो चुके हैं। जिला प्रशासन ने तहसील सदर के मंडावर क्षेत्र में मालन नदी के बाएं छोर के आठ गांवों की 1,175 हेक्टेयर और नजीबाबाद क्षेत्र के आठ गांवों की 734.65 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की है।
यूपीडा के अफसरों का मानना है कि पहले इस औद्योगिक गलियारे की कनेक्टिविटी मेरठ-पौड़ी हाईवे से होगी, जिसे भविष्य में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
अधिग्रहण के लिए चयनित किए गांव
तहसील सदर के गांव पपावर खुर्द, स्वाहेड़ी खुर्द, अलीपुर माखन, उलकपुर, यूसुफाबाद, बेगमपुर, गजरौला अचपल, मुढ़ाला की 1,175 हेक्टेयर और तहसील नजीबाबाद के गांव फजलपुर पर्वत, जहानपुर, वीरपुर, फैजाबाद, शेरपुर जमाल, तरीकमपुर, सराय बहादुरद्दीन और हुसैनपुर जमाल की 734.65 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है। औद्योगिक गलियारा बनने के बाद यहां बड़ी कंपनियां स्थापित होंगी, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

