रायबरेली, 30 जुलाई (ता)। रायबरेली जिले के हरचंदपुर थाना क्षेत्र स्थित ओई गांव में एक निजी खेत में अचानक एक मीटर चौड़ा गड्ढा बन गया। ग्रामीणों ने जब पास जाकर देखा तो उन्हें पक्की दीवार से बनी एक प्राचीन सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी। इस अनोखी खोज को देखने के लिए मौके पर भीड़ जमा हो गई।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र में बीते गत दिवस खेत का एक टिला बारिश की वजह से अचानक ढह गया। जिसके बाद इसके नीचे करीब एक मीटर चौड़ा गड्ढा हो गया। जिसेके नीचे पक्की दीवार से बनी एक प्राचीन सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी। जिसे दखने के लिए गांव की भीड़ जमा हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एसडीएम महराजगंज और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) लखनऊ मंडल की टीम मौके पर पहुंची और इसमें उतर कर इसकी जांच की।
ग्रामीण अशोक प्रताप मौर्य ने कहा कि सूचना मिलने पर मैं मौके पर पहुंचा। शुरुआती जानकारी में कहा जा रहा था कि यहां कोई सुरंग है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई स्पष्ट सुरंगनुमा ढांचा नहीं मिला। किसी भी सुरंग की छत होती है, जबकि यहां ऐसी कोई संरचना दिखाई नहीं देती।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 से इस स्थान से जुड़े कई तथ्य सामने आते रहे हैं। यहां से प्राचीन काल के बताए जाने वाले खिलौने और अन्य पुरावशेष भी मिले हैं। वर्ष 1996-97 में मैंने भारतीय पुरातत्व विभाग को लिखित प्रार्थना-पत्र देकर इस स्थल का सर्वेक्षण कराने की मांग की थी। विभाग की ओर से निरीक्षण भी किया गया था, लेकिन बाद में मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया।
खेत मालिक गुरुदेई ने कहा कि मैं स्कूल गई हुई थी। लौटने पर जानकारी मिली कि हमारे खेत में अचानक एक बड़ा गड्ढा हो गया है। जब मौके पर पहुंचकर देखा तो जमीन अंदर से पूरी तरह धंस चुकी थी। उन्होंने बताया कि परिवार के बंटवारे के बाद पिछले लगभग 40 वर्षों से हम इसी खेत में जुताई-बुआई कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इससे पहले हमारे ससुर भी वर्षों तक इसी खेत की खेती करते रहे थे।
गुरुदेई ने कहा कि फिलहाल हमें यह नहीं पता कि जमीन के नीचे सुरंग है या नहीं, लेकिन गड्ढे के अंदर ईंटों से बनी दीवारें स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। हमने पूरे मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी है और अब आगे की जांच का इंतजार है।
सहायक पुरातत्वविद डॉ. मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में टीम सीढ़ी के सहारे इस रहस्यमयी सुरंग के अंदर उतरी। जांच के दौरान पुरातत्व विभाग की टीम को कई ऐतिहासिक वस्तुएं मिली हैं,जिनमें प्राचीन ईंटें,मिट्टी की सुराही और एक हैंडल वाली धूपदानी शामिल हैं। विशेषज्ञों के शुरुआती आकलन के अनुसार,ये सभी अवशेष कुषाण कालीन बताए जा रहे हैं।
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