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    Home»न्यूज़»केजीएमयू में लिवर सिरोसिस के मरीज को दिया नया जीवन
    न्यूज़

    केजीएमयू में लिवर सिरोसिस के मरीज को दिया नया जीवन

    adminBy adminFebruary 5, 2026No Comments2 Views
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    लखनऊ, 05 फरवरी। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के डॉक्टरों ने लिवर सिरोसिस से पीड़ित 55 वर्षीय महिला की जान बचाने में सफलता पाई है। महिला के पेट और आंतों में लगातार हो रहे गंभीर रक्तस्राव को डॉक्टरों ने पहली बार प्लग-असिस्टेड रेट्रोग्रेड ट्रांसवेनस ऑब्लिटरेशन (पार्टाे) प्रक्रिया अपनाकर रोका। इलाज के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया
    हरदोई निवासी महिला को लिवर सिरोसिस था। परिवारीजनों ने कई स्थानीय अस्पतालों में दिखाया। लेकिन मरीज को फायदा नहीं हुआ। परिवारीजन मरीज को लेकर केजीएमयू गेस्ट्रोमेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंचे। विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित रुंगटा ने मरीज की जरूरी जांचें कराई। सिरोसिस की वजह से महिला को पेट और आंतों में रक्तस्राव हो रहा था। एंडोस्कोपिक जांच में पाया गया कि महिला की पेट की रक्त वाहिका सूज गईं थीं।
    रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ने की वजह से रक्तस्राव हो रहा था। इसके लिए महिला को ग्लू का इंजेक्शन दिया गया। लेकिन मरीज को राहत नहीं मिली। फिर मरीज के पेट का सीटी स्कैन कराया गया। जिसमें रक्तस्राव के सटीक स्थान का पता लगाया गया।
    डॉ. सुमित रुंगटा ने कहा कि पेट में बार-बार होने वाले रक्तस्राव और रेडियोलॉजिकल निष्कर्षों को देखते हुए, डॉक्टरों ने पार्टाे प्रक्रिया से इलाज का फैसला किया। सामान्य मामलों में बैलून लगे कैथेटर का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि इस प्रक्रिया में बैलून के बजाय एम्पलैटजर वैस्कुलर प्लग और जिलेटिन स्पंज का इस्तेमाल किया गया। इससे रक्तस्राव रोका गया। रक्तस्राव रुकने के बाद मरीज की तबीयत में तेजी से सुधार देखने को मिला। लिहाजा मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इलाज की इस प्रक्रिया में डॉ. अनन्य गुप्ता, रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनित परिहार, डॉ. सौरभ गुप्ता, डॉ. सिद्धार्थ, डॉ. शशांक गुप्ता और डॉ. तुषार कुंडू ने योगदान दिया।

    A liver cirrhosis patient was given a new lease on life at KGMU. health lucknow tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
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