बागपत, 13 जनवरी। हजारीलाल मेमोरियल इंटर कॉलेज की शिक्षिका निधि शर्मा ने कॉलेज प्रबंधन पर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति के नाम खून से लिखा पत्र जिलाधिकारी अस्मिता लाल को सौपा। जिसमें शिक्षिका ने परिवार सहित इच्छा मृत्यु की मांग की है।
निधि शर्मा का आरोप है कि प्रबंधक के द्वारा लगातार उनका मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है। स्कूल परिसर सहित रास्ते में भी उनके साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है। शिक्षिका निधि शर्मा ने बताया की वह मूल रूप से बुलंदशहर की रहने वाली है। 2022 मे उनका चयन हुआ था और बागपत के हजारी लाल इंटर कॉलेज मे वह तैनात है। महिला टीचर ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए खून से लिखा ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है. मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से परेशान होकर शिक्षिका ने महामहिम राष्ट्रपति से अपने परिवार सहित इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
मूल रूप से बुलंदशहर की रहने वाली नेहा (काल्पनिक नाम) का चयन वर्ष 2022 में हुआ था और वह बागपत के हजारी लाल इंटर कॉलेज में तैनात हैं। शिक्षिका अपने परिवार और सर्वसमाज के लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। नेहा का आरोप है कि जब से उनकी तैनाती हुई है। कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल और वर्तमान प्रबंधक राजेंद्र सिंह भाटी उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
न्याय की मांग को लेकर शिक्षिका के समर्थन में भारी संख्या में लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान विरोध का एक अनोखा और डरावना तरीका अपनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने अपना खून एकत्र किया और उससे महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन लिखा। शिक्षिका ने पत्र में साफ तौर पर कहा कि वो इस प्रताड़ना को सहने की शक्ति खो चुकी हैं और अब परिवार सहित मौत चाहती हैं।
टीचर नेहा ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक गुहार लगाई, लेकिन अभी तक कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी प्रशासनिक उदासीनता ने उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार संगठनों ने भी इसमें हस्तक्षेप किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है. बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए शिक्षिका को पूरे मामले की गहराई से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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