नोएडा, 23 फरवरी। अदालत के आदेश पर बीटा दो कोतवाली पुलिस ने जेपी ग्रींस प्राइवेट लिमिटेड और 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व धमकी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। पीड़ित का आरोप है कि जेपी से भूखंड में तय शर्तों को पूरा नहीं किया और कंपनी के ही लोगों ने उसके भूखंड पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर धमकी दी गई और निर्माण कार्य भी नहीं कराने दिया जा रहा है।
थाना बीटा-2 के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि सत्येंद्र नारायण द्विवेदी नामक शख्स ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वर्ष 2002 में शुरू हुई जेपी ग्रीन टाउनशिप परियोजना को जेपी एसोसिएट लिमिटेड ने विकसित किया था। जिसमें उसने एक बिला खरीदा था। 12 मार्च 2020 को आवंटन पत्र जारी हुआ और 14 मार्च 2020 को सबलीज पंजीकृत की गई। उन्होंने समस्त भुगतान वैध तरीके से किया, और उन्हें भूखंड का कब्जा भी सौंप दिया गया। आरोप है कंपनी कर्मचारियों ने जो बिल्डिंग प्लान उपलब्ध कराया वह प्राधिकरण की स्वीकृति योजना से मेल नहीं खाया। जब भवन निर्माण के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में मानचित्र स्वीकृति के लिए आवेदन किया तो बताया गया कि पूर्व में दिए गए प्लाट मान्य नहीं है। इस कारण उन्हें दोबारा योजना बनवानी पड़ी और 40 लाख 82 हजार रुपए का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जब निर्माण कार्य पूरा कराया तो पड़ोसी ने उनके प्लाट की सीमा में अतिक्रमण कर लिया। जब जेपी ग्रीन के अधिकारियों से शिकायत की गई तो सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह काम करने के लिए पहुंचे तो वहां पर उनके कामगारों के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि इस मामले में जेपी एसोसिएट लिमिटेड, सुनील शर्मा, मंजू शर्मा, दलजीत सिंह, संजीव शेखर, मुकेश चोपड़ा, अश्वनी सिंह, शैलेंद्र, केबी सिंह, विकास चौधरी सहित कई लोग खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। मेसर्स जय प्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड, सुनील शर्मा, मंजू शर्मा, दलजीत सिंह, संजीव शेखर, मुकेश चोपड़ा, केसी बत्रा, अश्वनी सिंह, शैलेंद्र नेगी, सीबी सिंह और विकास चौधरी आदि के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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