रायबरेली 09 फरवरी। रायबरेली जिले में तेज रफ्तार कार ने जगतपुर थाना क्षेत्र के चूली गांव से गुजर रहे गंगा एक्सप्रेस-वे पर कहर बरपा दिया, नियंत्रण खो चुके कार ड्राइवर ने नौ लड़कियों को रौंद दिया है जिसमें चार लड़कियों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
एक्सप्रेसवे के किनारे गांव में बनी एक मंदिर के भंडारे से प्रसाद लेकर लड़कियां लौट रहीं थीं। कार ने पीछे से टक्कर मार दी। लड़कियां हवा में 5 से 7 फीट तक उछल गईं। लाशें सड़क पर बिखर गईं।
उधर, ड्राइवर ने ब्रेक मारने की कोशिश की तो अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर तक कार घिसटती रही। आगे जाकर टायर ब्लास्ट हो गए।
घटना रविवार देर शाम की है। लड़कियां कोडर गांव की रहने वाली हैं। पुलिस ने घायल 5 लड़कियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो की हालत गंभीर है। एक को रायबरेली एम्स तो दूसरी गंभीर लड़की को लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उधर, पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को चारों लड़कियों का शव सौंप दिया गया।
चूली गांव में एक नया मंदिर बना है। रविवार को मंदिर में भंडारा था। चूली, कोडर और हनुमानगंज गांव के तमाम लोग भंडारे में प्रसाद लेने पहुंचे थे। शाम करीब 7 बजे कोडर गांव की 10-12 लड़कियां और महिलाएं पैदल अपने गांव लौट रही थीं। कोडर गांव से चूली गांव में बने मंदिर की दूरी करीब 1 किलोमीटर है। चूंकि, एक्सप्रेसवे के किनारे रोड को खोदा गया है इसलिए सभी लोग गंगा एक्सप्रेसव पर चढ़कर वापस लौट रही थीं।
इसी दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे पर लालगंज की तरफ से आ रही तेज रफ्तार टियागो कार ने 9 लड़कियों को रौंद दिया।
मृतकों में शालिनी (22) पुत्री जंग बहादुर, रश्मि (14) पुत्री रामरतन और आसमां (18) कोडर गांव की थीं। वहीं हिमांशी (23) पुत्री दल बहादुर अलीगंज डिहवा गांव की थी। वह अपने बहन के गांव कोडर करीब 15 दिन पहले घूमने आई थी। हिमांशी की दो बहनें रामावती व कर्मावती की शादी एक ही घर में हुई है। हिमांशी ने कक्षा आठ तक पढ़ाई की थी। पिता का पहले ही निधन हो चुका है।
कार कौशांबी के भरवारी निवासी विकास मिश्रा के नाम पर है। कार का छह बार चालान हो चुका है। 13 हजार जुर्माना भी लगाया गया है। रायबरेली से पहले भी दो बार खतरनाक ढंग से वाहन चलाने के आरोप में एमवी एक्ट की धारा 164 के तहत कार्रवाई की गई है। ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

