लखनऊ, 28 अप्रैल (ता)। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए “विधवा पुत्रवधू” की पात्रता का निर्धारण सरकारी कर्मचारी की मृत्यु की तिथि के संदर्भ में किया जाना अनिवार्य है। कोर्ट ने आदेश दिया कि जो व्यक्ति कर्मचारी की मृत्यु के समय “पारिवारिक इकाई” का सदस्य नहीं था, वह विवाह या विधवा होने जैसी बाद की घटनाओं के आधार पर पात्रता का दावा नहीं कर सकता।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह फैसला दीपिका तिवारी की विशेष अपील को खारिज करते हुए दिया। इस मामले का मुख्य बिंदु यह था कि क्या एक महिला, जिसने सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के लगभग दो वर्ष बाद उसके बेटे से विवाह किया और बाद में विधवा हो गई, वह अनुकंपा नियुक्ति की हकदार हो सकती है। कोर्ट को उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के विनियम 103 से 107 की व्याख्या करनी थी ताकि यह तय किया जा सके कि क्या “विधवा पुत्रवधू” का दर्जा कर्मचारी के निधन के समय अस्तित्व में होना चाहिए।
दरअसल, लखनऊ के नारी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में कार्यरत सहायक शिक्षिका संगीता बाजपेयी का 23 अप्रैल 2021 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया। उनके परिवार में पति और एक बेरोजगार बेटा निखिल बाजपेयी थे। बेटे का अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन 10 अप्रैल 2023 को इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि उसके पिता पेंशनभोगी थे। निखिल बाजपेयी ने 15 फरवरी 2023 को अपीलकर्ता दीपिका तिवारी से विवाह कर लिया। विवाह के कुछ समय बाद ही 13 मई 2023 को निखिल का निधन हो गया।
पति की मृत्यु के बाद अपीलकर्ता दीपिका ने संगीता बाजपेयी की “विधवा पुत्रवधू” के रूप में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। शुरुआत में उन्हें नियुक्ति का आदेश मिला लेकिन शिक्षण संस्थान की आपत्तियों के बाद उसे रद्द कर दिया गया। हाईकोर्ट की एकल पीठ से उनकी याचिका खारिज होने के बाद यह विशेष अपील दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने एकल पीठ के निर्णय को सही ठहराते हुए विशेष अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता को नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि संगीता बाजपेयी की मृत्यु के समय वह परिवार की पुत्रवधू नहीं थी।
Trending
- विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक
- खरखौदा विकास खंड के आंगनबाडी केन्द्रों का अन्य ब्लॉक के बाल विकास परियोजना अधिकारियों द्वारा किया औचक निरीक्षण
- जिलाधिकारी ने किया राजकीय औद्यानिक प्रक्षेत्र मछरी पर संचालित हाईटैक नर्सरी का निरीक्षण
- मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
- बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
- कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
- पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
- छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा

