कोलकाता, 13 अप्रैल (जा)। बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र व भाजपा के पूर्व नेता चंद्र कुमार बोस गत दिवस सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। कोलकाता में तृणमूल भवन में उन्होंने राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और सांसद कीर्ति आजाद की उपस्थिति में पार्टी का झंडा थामा।
2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर मुख्यमंत्री व टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता की भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ चुके बोस ने इस मौके पर कहा कि भाजपा संविधान और नेताजी के सिद्धांतों के खिलाफ है।
2023 में भाजपा छोड़ चुके बोस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा में शामिल होकर मैंने गलती की थी और अब टीएमसी से जुड़कर उसे सुधार लिया है।
बोस ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताजी के सिद्धांतों पर विश्वास नहीं रखती है। उस पार्टी में रहते हुए नेताजी की सोच व आदर्शों के अनुसार काम करना संभव नहीं था, क्योंकि भाजपा ने इसकी अनुमति नहीं दी।
बोस ने कहा कि बंगाल के इतिहास और संस्कृति के साथ भाजपा की सोच नहीं मिलती है। 2016 में भाजपा में शामिल होने के बाद यह साफ हो गया है कि वह भारत के संविधान का विरोध करती है। सर्वधर्म समन्वय भारत की विरासत है, लेकिन भाजपा द्वारा धर्म, सांप्रदायिकता, नफरत व विभाजन की राजनीति की जाती है। केवल बंगाल नहीं, बल्कि पूरे देश में जिस तरह की विभाजनकारी राजनीति चल रही है, उसके खिलाफ लड़ाई करने का समय आ गया है। भारत एक संकट के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में सभी को एकजुट होकर इसे रोकना होगा। भवानीपुर सीट को लेकर बोस ने कहा कि मैं 2016 में यहां से भाजपा का उम्मीदवार था। मैं जीत नहीं सका। इस सीट से अभी ममता बनर्जी को छोड़कर कोई नहीं जीत सकता। ममता बनर्जी ही जीतेंगी।
2016 में भाजपा में शामिल हुए थे चंद्र बोस :
चंद्र बोस 2016 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए थे। उसी साल हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें भवानीपुर विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ उतारा था। 2019 में भाजपा के टिकट पर उन्होंने दक्षिण कोलकाता सीट से लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, दोनों ही मौकों पर उन्हें जीत हासिल नहीं हुई। इसके बाद, विभिन्न मुद्दों पर प्रदेश भाजपा नेतृत्व के साथ उनकी दूरियां बढ़ती गईं। 2023 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इधर, चुनाव प्रक्रिया के बीच तृणमूल ने भाजपा के पूर्व नेता को पार्टी में शामिल कराकर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की है। खासकर तब जब राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर इस बार ममता के खिलाफ भाजपा की तरफ से सुवेंदु अधिकारी मैदान में हैं। चंद्र बोस इसी इलाके के मतदाता हैं।
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